Pakistan: इमरान खान की बढ़ी मुश्किलें, FIA ने उपहार में मिले हार की बिक्री को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ शुरू की जांच

इमरान पर आरोप हैं कि उन्होंने उस हार को सरकारी तोशाखाना में जमा करने के बजाय एक आभूषण कारोबारी को 18 करोड़ रुपए में बेच दिया था

अपडेटेड Apr 13, 2022 पर 7:26 PM
उपहार में इमरान खान को मिले हार को तोशाखाने में जमा नहीं कराया गया (FILE PHOTO)

पाकिस्तान (Pakistan) की शीर्ष जांच एजेंसी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। यह मामला उनके कार्यकाल के दौरान तोहफे में मिले बेशकीमती हार (Gifted Necklace) का है। इमरान पर आरोप हैं कि उन्होंने उस हार को सरकारी तोशाखाना में जमा करने के बजाय एक आभूषण कारोबारी को 18 करोड़ रुपए में बेच दिया था।

Express Tribune अखबार की खबर के अनुसार, उपहार में खान को मिले हार को तोशाखाने में जमा नहीं कराया गया, बल्कि पूर्व विशेष सहायक जुल्फिकार बुखारी को दे दिया गया, जिन्होंने उसे लाहौर में एक सर्राफ को 18 करोड़ रुपए में बेच दिया।

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खबर के अनुसार संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने आरोपों पर खान के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इसमें कहा गया है कि सरकारी ओहदे पर रहते हुए मिले तोहफों की आधी कीमत चुकाकर, उन्हें व्यक्तिगत संपत्ति के रूप में रखा जा सकता है, लेकिन खान ने सरकारी खजाने में कुछ हजार रुपए जमा किए थे।


कानून के अनुसार सरकारी ओहदेदारों को मेहमानों से मिले तोहफों को तोशाखाना में जमा करना होगा। अगर वे उपहार या कम से कम उसकी आधी कीमत जमा नहीं करते, तो इसे अवैध माना जाता है।

अविश्वास प्रस्ताव हारे इमरान

इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से अविश्वास प्रस्ताव के जरिए 9 और 10 अप्रैल की दरमियानी रात को हटाया गया था। वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हो गए हैं, जिन्हें संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव में शिकस्त का सामना करना पड़ा।

नेशनल असेंबली का महत्वपूर्ण सत्र 9 अप्रैल सुबह 10:30 बजे शुरू होने के बाद अध्यक्ष कैसर ने अलग-अलग कारणों से तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित की। इस्तीफे की घोषणा के बाद कैसर ने PML-N के अयाज सादिक को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने को कहा, जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया।

क्रिकेटर से नेता बने खान 2018 में 'नया पाकिस्तान' बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए थे। हालांकि, वह वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने की बुनियादी समस्या को दूर करने में बुरी तरह फेल रहे। नेशनल असेंबली का वर्तमान कार्यकाल अगस्त, 2023 में खत्म होना था।

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