पाकिस्तान (Pakistan) का प्रधानमंत्री चुने जाने के तुरंत बाद शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने अपने पहले ही भाषण में कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटी में लोगों का खून बह रहा है। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देने के साथ-साथ हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाएगा।
इमरान खान की जगह पाकिस्तान की कमान संभालने वाले 70 वर्षीय नेता ने कहा कि वह भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन कश्मीर मुद्दे के समाधान के बिना इसे हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पड़ोस पसंद की बात नहीं होती है, यह ऐसी चीज है जिसके साथ हमें रहना है। शरीफ ने कहा कि बदकिस्मती से भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते शुरू से ही अच्छे नहीं रहे।
आर्टिकल 370 को लेकर इमरान पर साधा निशाना
पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ ने अगस्त 2019 में भारत की ओर से आर्टिकल 370 को निरस्त करने पर कूटनीतिक कोशिश नहीं करने के लिए इमरान खान पर निशाना साधा। शरीफ ने कहा कि अगस्त 2019 में जब जबरदस्ती अतिक्रमण किया गया। आर्टिकिल 370 को निरस्त किया गया, तो हमने क्या गंभीर कोशिश की। हमने कितनी गंभीर कूटनीति की कोशिश की। कश्मीरियों का खून कश्मीर की सड़कों पर बह रहा है। कश्मीर घाटी उनके खून से लाल है।
भारत के साथ बेहतर रिश्तों को कश्मीर मुद्दे से जोड़ा
शहबाज ने भारत के साथ बेहतर संबंधी की इच्छा व्यक्त की, लेकिन इसे कश्मीर मुद्दे से जोड़ दिया। नव निर्वाचित प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भारत के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं लेकिन जब तक कश्मीर विवाद का समाधान नहीं हो जाता तब तक स्थायी शांति मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा।
शरीफ ने कहा कि हम हर मंच पर कश्मीरी भाई-बहनों के लिए आवाज उठाएंगे। हम उन्हें कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए आगे आने को कहा। उन्होंने कहा कि ताकि दोनों देश सीमा के दोनों ओर गरीबी, बेरोजगारी, दवाओं की कमी और अन्य मुद्दों से निपटने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
उन्होंने कहा कि हम क्यों चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढि़यां भुगतें। आइए, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरियों की अपेक्षाओं के अनुरूप कश्मीर मुद्दे को सुलझाएं, ताकि हम सीमा के दोनों ओर गरीबी को समाप्त कर सकें।
पठानकोट हमले के बाद भारत-पाक संबंधों में आई गिरावट
बता दें कि साल 2016 में पठानकोट वायु सेना बेस पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में गिरावट आ गई। इसके बाद उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हमला किया गया जिसके बाद रिश्ते और बिगड़ गए।
अगस्त 2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को खत्म कर दिया। साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की। इससे भारत-पाक के रिश्ते और खराब हो गए। पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने कूटनीतिक रिश्तों को कम किया और इस्लामाबाद से भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेज दिया।
पाक ने भारत के साथ सभी हवाई और भूमि संपर्क भी तोड़ दिए। साथ ही व्यापार और रेलवे सेवाओं को भी निलंबित कर दिया। भारत ने कहा है कि वह आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है। भारत ने कहा है कि आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।