पाकिस्तान (Pakistan) घास खाएगा और भूखा भी रहेगा लेकिन वह अपना एटम बम (Atom Bomb) बना कर रहेगा। साल 1970 के दशक में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो ने अपने मुल्क को लेकर यह बातें कहीं थीं। लगभग 50 साल बाद उनकी कही ये बात अब सच भी साबित हो रही है। दरअसल पाकिस्तान इस वक्त काफी बुरे दौर से गुजर रहा है। पाकिस्तान में कंगाली छाई हुई है। पिछले साल आई बाढ़ की वजह से पाकिस्तान में हालात खराब हैं और वह डिफॉल्ट होने तरफ बढ़ रहा है। अपने सबसे बुरे खाद्य संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान में लोग आटे के लिए भी घंटो लाइन लगा रहे हैं। आज भले ही पाकिस्तान के पास परमाणु बम हो लेकिन उसके लोग खाना तक नहीं खा पा रहे हैं।
खाने के सामानों के लिए हो रहे दंगे
पाकिस्तान में खाद्य संकट का आलम यह है कि वहां पर खाने पीने के सामानों को लेकर दंगे तक की खबरे हैं। पाकिस्तान के तीन प्रांतों खैबर पख्तूनवा, सिंध और बलूचिस्तान के कई बाजारों में भगदड़ और दंगे की खबरें सामने आई हैं। इन प्रांतों के बाजारों में 20 किलो गेंहूं की कीमत 3100 पाकिस्तानी रूपये तक पहुंच गई है। अनाज की भारी कमी के कारण लोगों में उहापोह की स्थिति है जिस वजह से भगदड़ भी मच रही है। मुहम्मद उस्मान नाम के एक आदमी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राजनीतिक रूप से अस्थिर और युद्धग्रस्त अफगानिस्तान ने एक सुपरकार बनाई है। लेकिन पाकिस्तान में आटे की बोरी तक नहीं है। क्योंकि हमारे पास एटम बम है। क्या हमें वह एटम बम खाना चाहिए?
सामानों के लिए लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं लोग
पाकिस्तानी मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार गरीब तबके के लोग सब्सिडी वाले गेंहूं और आटे के लिए लंबी कतारों में घंटों तक खड़े होने के लिए मजबूर हैं। खुदरा बाजार में गेहूं की भारी कमी है और देश में अन्य घरेलू सामानों की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में यह देखा जा सकता है कि पाकिस्तान में एक आटे से लदे ट्रक के पीछे लोगों की भारी भीड़ चल रही है। कुछ दिनों पहले सिंध में आटे के लिए लाइन में लगे एक व्यक्ति के मृत्यु की खबर भी आई थी।
कहा कहा था पूर्व पीएम भुट्टो ने
पाकिस्तान को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की बातें अब सच साबित होती दिख रही हैं। जुल्फिकार अली भुट्टो ने कहा था कि भले ही पाकिस्तान के पास खाने के लिए कुछ न हो पर वह अटम बम हासिल करके ही मानेगा। पिछले साल दिसंबर के महीने पाकिस्तान में महंगाई की दर में 24.5 फीसदी तक का इजाफा हुआ था। श्रीलंका के बाद एशिया में यह अभी तक की सबसे बुरी स्थिति है। महंगाई का आलम यह है कि 36 रुपये किलो मिलने वाला प्याज 220 रुपये किलो तक मिल रहा है। दाल, चावल और गेंहूं की कीमतें भी एक साल में करीब 50 फीसदी तक बढ़ी हैं।