कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग कराने वाले पाकिस्तानी मौलाना की गोली मारकर हत्या

स्थानीय मीडिया के अनुसार, मुफ्ती शाह मीर बलूचिस्तान का एक प्रमुख धार्मिक स्कॉलर था, जिस पर पहले भी दो बार जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस ने बताया कि रात की नमाज के बाद तुर्बत में एक स्थानीय मस्जिद से निकलते समय मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने उस पर घात लगाकर हमला किया। उसे कई बार नजदीक से गोली मारी गई और शुक्रवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई

अपडेटेड Mar 09, 2025 पर 2:56 PM
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कुलभूषण जाधव की किडनैपिंग कराने वाले पाकिस्तानी मौलान की गोली मारकर हत्या

ईरान से पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव का अपहरण करने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद करने के आरोपी पाकिस्तानी की शुक्रवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, मारा गया आरोपी पाकिस्तान का एक "स्कॉलर" थी, जिसे अशांत बलूचिस्तान क्षेत्र में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मुफ्ती शाह मीर बलूचिस्तान का एक प्रमुख धार्मिक स्कॉलर था, जिस पर पहले भी दो बार जानलेवा हमला किया गया था।

पुलिस ने बताया कि रात की नमाज के बाद तुर्बत में एक स्थानीय मस्जिद से निकलते समय मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने उस पर घात लगाकर हमला किया। उसे कई बार नजदीक से गोली मारी गई और शुक्रवार को अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मीर कट्टरपंथी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) का सदस्य था, जो एक स्कॉलर की आड़ में हथियार और मानव तस्कर का में काम करता था।


पिछले हफ्ते बलूचिस्तान के तीसरे सबसे बड़े शहर खुजदार में मीर की पार्टी के दो दूसरे सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

प्रांत में घातक झड़पें हो रही हैं और कथित तौर पर राज्य बलों की ओर से कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और राजनेताओं सहित नागरिकों को जबरन गायब किया जा रहा है।

इस साल के शुरुआत में इस इलाके में हुई झड़पों के दौरान कम से कम 18 सुरक्षाकर्मी और 23 आतंकवादी मारे गए थे।

कुलभूषण जाधव मामला

नौसेना से समय से पहले रिटायरमेंट लेने के बाद ईरान के चाबहार में कारोबार करने वाले जाधव को 2017 में एक सैन्य अदालत की ओर से जासूसी का दोषी ठहराए जाने के बाद पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाई गई है। भारत ने फैसले की निंदा की और इस्लामाबाद पर निष्पक्ष सुनवाई न करने का आरोप लगाया।

2019 में उनकी फांसी की सजा पर रोक लगा दी गई थी, जब इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान से उनकी सजा की समीक्षा करने और उन्हें कांसुलर एक्सेस देने को कहा था।

 

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