पीएम मोदी ने पापुआ न्यू गिनी में की 14 देशों के FIPIC समिट की सह-अध्यक्षता, पीएम मारपे और गवर्नर जनरल से की मुलाकात

PM Modi in Papua New Guinea: तीन देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी पहुंचे हैं। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पापुआ न्यू गिनी की पहली यात्रा है। पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया, जिन्होंने सम्मान के तौर पर पीएम मोदी के पैर छुए

अपडेटेड May 22, 2023 पर 10:38 AM
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प्रधानमंत्री मोदी पापुआ न्यू गिनी के पीएम जेम्स मारपे के साथ तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के पापुआ न्यू गिनी दौरे का आज दूसरा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारपे (James Marape) के साथ तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (FIPIC) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। 14 प्रशांत द्वीप देशों (PICs) ने शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार सुबह पापुआ न्यू गिनी के अपने समकक्ष जेम्स मारपे और गवर्नर जनरल बॉब डाडे से अलग-अलग वार्ता की। साथ ही दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया। इस द्वीपीय देश की पहली यात्रा पर रविवार को पहुंचे पीएम मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत तथा 14 प्रशांत द्वीप देशों के बीच एक अहम शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पहुंचने पर PNG के पीएम जेम्स मारपे ने उनके पैर छूकर स्वागत किया।

14 देशों ने लिया हिस्सा

FIPIC का गठन 2014 में प्रधानमंत्री मोदी की फिजी यात्रा के दौरान किया गया था। यह शिखर सम्मेलन ऐसे वक्त में हो रह है जब चीन क्षेत्र में अपनी सैन्य और कूटनीतिक ताकत बढ़ाने के प्रयास कर रहा है। FIPIC शिखर सम्मेलन में 14 देशों के नेताओं ने भाग लिया। FIPIC में कुक आइलैंड्स, फिजी, किरिबाती, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, नौरू, नीयू, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, टोंगा, तुवालू और वानुआतु शामिल हैं।


FIPIC शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत बहुपक्षवाद में विश्वास करता है और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करता है। पीएम मोदी ने मंच पर बोलते हुए कहा कि उनके लिए, प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप राष्ट्र बड़े महासागरीय देश हैं न कि छोटे द्वीप राज्य। FIPIC समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत बिना किसी झिझक के प्रशांत महासागर स्थित द्वीप देशों के साथ अपने अनुभव और क्षमताएं साझा करने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी का प्रभाव ग्लोबल साउथ देशों पर सबसे अधिक पड़ा। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं, भुखमरी, गरीबी और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां पहले से ही थी अब नई परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं जैसे, फ्यूल, फर्टिलाइजर और फार्मा। इसकी सप्लाई में भी बाधाएं आ रही हैं। जिन्हें हम अपना मानते थे पता चला कि जरूरत पर वे हमारे साथ नहीं थे। इस कठिनाई के समय पुराना वाक्य सिद्ध हुआ कि 'ए फ्रेंड इन नीड इज ए फ्रेंड इन डीड।'

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ की चिंताओं उनकी अपेक्षाओं और उनकी आकांक्षाओं को G20 के जरिए विश्व के समक्ष पहुंचाना अपना दायित्व मानता है। पिछले 2 दिनों में G7 समिट में भी मेरा यहीं प्रयत्न था। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भारत ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य आगे रखे हैं। मुझे खुशी है कि हम इन पर तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि UN प्रधान सचिव के साथ मैंने मिशन लाइफ मतलब लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट लॉन्च किया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय सोलर एलायंस और CDRI जैसे पहल किए हैं। मैं समझता हूं कि सोलर एलायंस के साथ ज्यादातर देश जुड़े हैं।

पीएम और गवर्नर से की मुलाकात

मारपे के साथ हाथ मिलाते हुए अपनी एक तस्वीर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री जेम्स मारापे और मैंने काफी सार्थक बातचीत की जिसमें भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों के हर पहलू पर चर्चा की गई। हमने वाणिज्य, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहयोग के तरीकों पर चर्चा की।’

बैठक के दौरान पीएम मोदी और मारापे ने तमिल भाषा में लिखी काव्य रचना ‘तिरुक्कुरल’ का पापुआ न्यू गिनी की टोक पिसिन भाषा में अनुवादित कृति का विमोचन भी किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय प्रवासी मातृभूमि के साथ संबंध बनाए रखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मारापे ने तमिल काव्य रचना ‘तिरुक्कुरल’ का पापुआ न्यू गिनी की टोक पिसिन भाषा में अनुवादित कृति का विमोचन किया।

उन्होंने कहा कि शुभा शशिंद्रन और वेस्ट न्यू ब्रिटेन प्रांत के गवर्नर शशिंद्रन मुथुवेल द्वारा लिखित यह किताब भारतीय विचारों और संस्कृति को पापुआ न्यू गिनी के लोगों के करीब लाती है। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल बॉब डाडे से गवर्नमेंट हाउस में मुलाकात की। बागची ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक गवर्नमेंट हाउस में गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे से उत्साहपूर्ण बातचीत के साथ पापुआ न्यू गिनी में अपने दिन की शुरुआत की। उन्होंने भारत-पापुआ न्यू गिनी के संबंधों और दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी की महत्ता पर जोर दिया।’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर डाडे से मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट कीं। पीएम मोदी ने कहा, ‘पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर जनरल सर बॉब डाडे से मुलाकात शानदार रही। हमने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।’ प्रधानमंत्री मोदी जापान से यहां पहुंचे, जहां उन्होंने G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया और दुनिया के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा

तीन देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में पीएम मोदी पापुआ न्यू गिनी पहुंचे हैं। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पापुआ न्यू गिनी की पहली यात्रा है। पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एयरपोर्ट पर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया, जिन्होंने सम्मान के तौर पर पीएम मोदी के पैर छुए। आमतौर पर पापुआ न्यू गिनी सूर्यास्त के बाद आने वाले किसी भी नेता का औपचारिक स्वागत नहीं करता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के लिए यह अपवाद रहा और उनका औपचारिक स्वागत किया गया।

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