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PM Modi US Visit: PM मोदी से मिले एलॉन मस्क, प्रधानमंत्री के लिए स्पेशल गिफ्ट लेकर पहुंचे थे मस्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और पीएम मोदी की देर रात ढाई बजे व्हाइट हाउस में मुलाकात होगी। इसके बाद कई ऐलान हो सकते हैं। दोनों इस दौरान द्विपक्षीय बैठक करेंगे और इसके बाद प्रेस स्टेटमेंट भी जारी किया जाएगा। कहा जा रहा है कि मुलाकात में दोनों नेता टैरिफ और अवैध भारतीय अप्रवासियों समेत कई मुद्दे पर बात करेंगे। ट्रंप के साथ मुलाकात करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और टेस्ला कंपनी के मालिक एलॉन मस्क ने ब्लेयर हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 13, 2025 पर 11:33 PM
PM Modi US Visit: PM मोदी से मिले एलॉन मस्क, प्रधानमंत्री के लिए स्पेशल गिफ्ट लेकर पहुंचे थे मस्क
टेस्ला कंपनी के मालिक एलॉन मस्क ने ब्लेयर हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और पीएम मोदी की देर रात ढाई बजे व्हाइट हाउस में मुलाकात होगी। इसके बाद कई ऐलान हो सकते हैं। दोनों इस दौरान द्विपक्षीय बैठक करेंगे और इसके बाद प्रेस स्टेटमेंट भी जारी किया जाएगा। कहा जा रहा है कि मुलाकात में दोनों नेता टैरिफ और अवैध भारतीय अप्रवासियों समेत कई मुद्दे पर बात करेंगे। इससे पहले 13 फरवरी को रात करीब 9 बजे (भारतीय समयानुसार) मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) माइक वाल्ट्ज से मुलाकात की। ट्रंप के साथ मुलाकात करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और टेस्ला कंपनी के मालिक एलॉन मस्क (Elon Musk) ने ब्लेयर हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ बैठक की।

इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और NSA अजित डोभाल भी मौजूद रहे। इसके बाद मोदी ने एलन मस्क से मुलाकात की। मस्क अपने परिवार के साथ व्हाइट हाउस पहुंचे थे। मस्क के साथ उनके तीनों बच्चे भी ब्लेयर हाउस पहुंचे थे। मस्क इस मौके पर मोदी के लिए खास गिफ्ट भी लाए थे। मुलाकात में मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनी स्‍टारलिंक (Starlink) की भारत में एंट्री का मुद्दा उठ सकता है। स्टारलिंक ने काफी पहले भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए अप्लाई किया था, लेकिन सरकारी की तरफ से अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है।

स्टारलिंक एक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस है। स्टारलिंक हजारों सैटेलाइट का एक ग्रुप है जो धरती के काफी करीब लगभग 550 किमी की दूरी पर है और इसकी परिक्रमा करते हैं और पूरे विश्व को कवर करते हैं। स्टारलिंक सैटेलाइट अन्य जियोस्टेशनरी सैटेलाइट की तुलना में कम ऑर्बिट में हैं, जिससे तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी देना काफी आसान हो जाता है।

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