Russia-Ukraine Crisis: रूस ने यूक्रेन के दो अलगाववादी क्षेत्रों को दी स्वतंत्र देश की मान्यता, पुतिन ने सेना भेजने का दिया आदेश

डोनेत्स्क और लुहांस्क को अगल देश की मान्यता देने वाला रूस पहला देश बन गया है, पुतिन ने इन इलाकों में रूसी सैनिकों को जाने का भी आदेश दे दिया है

अपडेटेड Feb 22, 2022 पर 3:46 PM
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पुतिन ने रूसी सांसदों से यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्रों के साथ संधियों पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, जिससे कि उन्हें मॉस्को का सैन्य समर्थन मिल सके

Russia-Ukraine Crisis: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने यूक्रेन के दोनेत्स्क (Donetsk) और लुहांस्क (Lugansk) गणराज्य के क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के आदेश पर सोमवार को हस्ताक्षर कर दिए जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और मॉस्को के यूक्रेन पर आक्रमण करने की आशंका बढ़ गई है। पुतिन ने इन इलाकों में रूसी सैनिकों को जाने का भी आदेश दे दिया है। पश्चिम देशों की चेतावनी के बावजूद कि इस कदम से रूस पर व्यापक प्रतिबंध लग सकते हैं।

डोनेत्स्क और लुहांस्क को आजाद देश की मान्यता देने वाला रूस पहला देश बन गया है। बता दें कि 15 फरवरी 2022 को रूसी संसद ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन के डोनेत्स्क और लुहांस्क को अलग देश की मान्यता देने का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद अब 21 फरवरी को पुतिन ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दोनों देशों के साथ दोस्ती, सहयोग और सहायता को लेकर समझौते पर भी साइन किए।

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पुतिन ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि दोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक और लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक की स्वतंत्रता और संप्रभुता को तुरंत पहचानने के लिए एक लंबे समय से लंबित निर्णय लेना आवश्यक है। इससे पहले कि पुतिन को क्रेमलिन में विद्रोही नेताओं के साथ पारस्परिक सहायता समझौतों पर हस्ताक्षर किए। .

इससे पहले, यूक्रेन के अलगाववादी नेताओं ने टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान के जरिए रूस के राष्ट्रपति से अनुरोध किया था कि वे अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दें और मित्रता संधियों पर हस्ताक्षर करके उनके खिलाफ जारी यूक्रेनी सेना के हमलों से उनकी रक्षा करने के लिए सैन्य सहायता भेजें।

पुतिन ने जिस शासनादेश पर हस्ताक्षर किए हैं उसके मुताबिक़ रूसी सेनाएं दोनेत्स्क और लुहांस्क में शांति कायम करने का काम करेंगी। उन्होंने सोमवार को पूर्वी यूक्रेन के इन क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया। हालांकि, आशंका है कि रूसी सेनाएं जल्द ही सीमा पार कर लेंगी।

रूस के निचले सदन ने भी पिछले सप्ताह इसी प्रकार की अपील की थी। पुतिन ने रूसी सांसदों से यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्रों के साथ संधियों पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, जिससे कि उन्हें मॉस्को का सैन्य समर्थन मिल सके। वहीं, यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को मान्यता देने के रूस के कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि वह इसमें शामिल लोगों पर प्रतिबंध लगाएगा। इसने यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

आपको बता दें कि रूस ने रविवार को यूक्रेन की उत्तरी सीमाओं के पास सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया था। उसने यूक्रेन की उत्तरी सीमा से लगे बेलारूस में करीब 30,000 सैनिकों की तैनाती की है। साथ ही यूक्रेन की सीमाओं पर 1,50,000 सैनिकों, युद्धक विमानों और अन्य साजो-सामान की तैनाती कर रखी है। कीव की आबादी करीब 30 लाख है।

 

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