Russia-Ukrainian War: रूस और यूक्रेन की जंग लंबे समय से चल रही है। इसका अंत होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। अब इस युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने अमेरिकी हथियारों के बाद रूस पर ब्रिटिश स्टॉर्म शैडो क्रूज मिसाइलों से बड़ा हमला किया है। इससे पहले यूक्रेन ने 6 अमेरिकी क्रूज मिसाइलों से हमला किया था। इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिर पुतिन बौखला गए हैं। यूक्रेन की ओर से यूके की लंबी दूरी की मिसाइल का इस्तेमाल ऐसे समय हुआ है। जब इसे लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही भड़के हुए हैं। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी भी दी हुई है।
अब ऐसे मौके पर यूक्रेन का रूस पर इस मिसाइल हमले ने एक बार फिर दुनिया में परमाणु हमलों के खतरे को बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रूस ने यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर उत्तर कोरियाई सैनिकों को तैनात किया था। इसके जवाब में यूके ने भी अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल करने की मंजूरी यूक्रेन को दी थी।
रूस के ब्रियंस्क में स्थित सैन्य अड्डे पर हुआ है हमला
यूक्रेन ने पहले मंगलवार को रूसी सीमा के 110 किमी अंदर ब्रियंस्क स्थित रूस के एक सैन्य अड्डे पर हुआ है। वहीं इस हमले को लेकर रूसी अधिकारियों का कहना है कि इसमें किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। रूसी समाचार एजेंसी ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि उसने छह मिसाइल में से पांच मिसाइलों को मार गिराया है। ब्रियंस्क क्षेत्र में सैन्य अड्डे पर एक मिसाइल का मलबा जरूर गिरा है, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ और ना ही कोई क्षति पहुंची है। फिर यूक्रेन ने बुधवार को यूके की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल स्टॉर्म शैडो से हमला किया। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टॉर्म शैडो मिसाइल का मलबा रूस के कुर्स्क क्षेत्र में पाया गया है। यह यूक्रेन के उत्तर में स्थित है। वहीं यिस्क और दक्षिणी क्रसनोदर इलाके में एक बंदरगाह पर भी दो स्टॉर्म शैडो मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है।
अमेरिका ने भी दी थी यूक्रेन को मिसाइलों के इस्तेमाल की मंजूरी
हाल ही में अमेरिका ने भी यूक्रेन को अपनी लंबी दूरी की एटीएसीएमएस मिसाइलों के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। अमेरिका की इस मंजूरी के बाद यूक्रेन की सेना रूस के भीतरी इलाकों और सैन्य प्रतिष्ठानों को भी निशाना बना सकती है। इससे अब यूक्रेन का पलड़ा भारी हो सकता है। यही वजह है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे लेकर चेतावनी दी थी और कहा था कि अगर उस पर बड़े पैमाने पर हमले हुए तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच 22 फरवरी 2022 को जंग शुरू हुई थी, जो आज भी जारी है।