यूक्रेन के चेरनोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट (Chernobyl nuclear power plant) की बिजली सप्लाई ठप हो गई है। इसी कड़ी में यूक्रेन सरकारी परमाणु कंपनी एनरगोटॉम (Energoatom) ने बुधवार को चेतावनी दी है कि प्लांट से रेडियोएक्टिव पदार्थों लीक हो सकता हैं, क्योंकि बिजली कनेक्शन टूटने के बाद यह इस्तेमाल में लाए गए परमाणु ईंधन (Nuclear Fuel) को ठंडा नहीं कर सकता है।
रॉयटर्स के मुताबिक, इसने कहा कि लड़ाई के कारण प्लांट में हाई-वोल्टेज बिजली लाइन की तुरंत मरम्मत करना असंभव हो गया। न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रूस की सेना ने कब्जा कर लिया था।
Energoatom ने कहा कि चेरनोबिल में लगभग 20,000 इस्तेमाल किए गए फ्यूल असेंबलियां थीं, जिन्हें बिजली की कमी के बीच ठंडा नहीं रखा जा सकता था।
बयान में कहा गया कि उनके गर्म होने से "पर्यावरण में रेडियो एक्टिव पदार्थों के लीक होने का खतरा है।' रेडियो एक्टिव बादल हवा के बहाव से यूक्रेन, बेलारूस, रूस और यूरोप के दूसरे क्षेत्रों फैल सकते हैं।"
बिजली के बिना, प्लांट में वेंटिलेशन सिस्टम भी काम नहीं कर रहे होंगे, जिससे खतरनाक पदार्थ प्लांट में फैल सकते हैं।
चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट में हुआ क्या?
दरअसल यूक्रेन के बंद पड़े चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट में बिजली सप्लाई करने वाला ग्रिड क्षतिग्रस्त हो गया है और इमरजेंसी जेनरेटर के जरिए बिजली की सप्लाई की गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट में ही दुनिया की सबसे भीषण परमाणु त्रासदी हुई थी। सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा है कि बिजली गुल होने से परमाणु प्लांट की कूलिंग कंटेंट को खतरा हो सकता है।
प्लांट के डीजल जनरेटर में 48 घंटे के लिए ईंधन है
चेरनोबिल को बिजली सप्लाई करने वाली लाइन के नुकसान का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पिछले हफ्ते से यह स्थल रूसी सैनिकों के नियंत्रण में है।
यूक्रेन के ग्रिड ऑपरेटर उक्रेनेरहो ने कहा है कि राष्ट्रीय परमाणु नियामक के अनुसार, चेरनोबिल के सभी प्लांट में बिजली सप्लाई ठप हो गई और डीजल जनरेटर में 48 घंटे के लिए ईंधन है। नियामक ने कहा कि बिजली के बिना "परमाणु और विकिरण सुरक्षा के मापदंडों" को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि बिजली की सप्लाई करने वाला ग्रिड क्षतिग्रस्त हो गया है और उसकी मरम्मत के लिए संघर्ष विराम की अपील की थी।