SCO Summit 2024 in Islamabad: विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार यानी 15 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान में होंगे। इस शिखर सम्मेलन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में सेना की तैनाती की गई है। इस कार्यक्रम में चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग, रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन और जयशंकर क्षेत्रीय सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार 16 अक्टूबर को मुख्य शिखर सम्मेलन से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा आयोजित स्वागत रात्रिभोज में शामिल हो सकते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन एवं रूस के प्रधानमंत्रियों समेत अन्य नेता अगले सप्ताह पाकिस्तान के इस्लामाबाद होने वाली दो दिवसीय एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भाग लेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था, व्यापार और पर्यावरण के क्षेत्र में जारी सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में बताया कि वह 15 और 16 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की बैठक की मेजबानी करेगा। सीएचजी के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में उसके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों पड़ोसी देशों ने इस आयोजन के दौरान किसी भी औपचारिक द्विपक्षीय बैठक से इनकार किया है। भारत ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि जयशंकर इस्लामाबाद में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, मंत्री जयशंकर ने अपनी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की संभावनाओं से इनकार किया।
जयशंकर की पाकिस्तान यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे नई दिल्ली की ओर से एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में भारत के लड़ाकू विमानों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंक कैंप पर बमबारी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में भारी तनाव आ गया था। भारत लगातार कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है, जबकि इस बात पर जोर देता है कि इस तरह के संबंधों के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद पर है।
इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई
सम्मेलन के लिए विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने रविवार को पाकिस्तान पहुंचना शुरू कर दिया। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद में सेना की तैनाती के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 'जियो न्यूज' ने एयरपर्ट सूत्रों के हवाले से बताया कि रूस का 76 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और एससीओ के सात प्रतिनिधि पाकिस्तान पहुंचे हैं। इसके अलावा भारत का चार सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान पहुंच गया है।
चीन से 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, किर्गिस्तान से चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और ईरान से दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी इस्लामाबाद पहुंचा है। एससीओ के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की 23वीं बैठक 15 और 16 अक्टूबर को इस्लामाबाद में होगी जिसके लिए अधिकारियों ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) नासिर अली रिजवी ने एक बयान में कहा कि जधानी में होने वाले महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन से पहले एक व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मियों को होटलों और उन स्थानों पर तैनात किया जाएगा जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडल ठहरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे विदेशी नेताओं, प्रतिनिधिमंडलों और मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
पाकिस्तानी सेना को मिली कमान
रिजवी ने बताया कि तलाशी और सूचना-आधारित अभियान चलाए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सेना, खुफिया एजेंसियां, फ्रंटियर कोर (FC) एवं रेंजर्स के कर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस प्रमुख ने बताया कि सुरक्षा के लिए पुलिस बल के 9,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। सरकार ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राजधानी में पहले ही सेना को तैनात कर दिया है। इस्लामाबाद, पड़ोसी रावलपिंडी और कुछ अन्य शहरों में हर प्रकार के विरोध प्रदर्शनों और रैलियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग, रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन और विदेश मंत्री एस जयशंकर इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले क्षेत्र के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों में शामिल होंगे। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
साल 2001 में स्थापित एससीओ का उद्देश्य क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। एससीओ में पाकिस्तान, चीन, भारत, रूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। साथ ही 16 अन्य देश पर्यवेक्षक या वार्ता साझेदार के रूप में संबद्ध हैं।