श्रीलंका कोलंबो के पोर्ट पर कई दिनों से मौजूद 90,000 टन रूसी तेल की खरीद के लिए 7.26 करोड़ डॉलर का भुगतान करेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश अपनी रिफाइनरी को फिर से शुरू करना और ऊर्जा संकट (energy crisis) का हल निकालना चाहता है।
श्रीलंका कोलंबो के पोर्ट पर कई दिनों से मौजूद 90,000 टन रूसी तेल की खरीद के लिए 7.26 करोड़ डॉलर का भुगतान करेगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश अपनी रिफाइनरी को फिर से शुरू करना और ऊर्जा संकट (energy crisis) का हल निकालना चाहता है।
श्रीलंका के बिजली और ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकरा (Kanchana Wijesekera) संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मैंने क्रूड और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के आयात में मदद के लिए रूस सहित कई देशों से संपर्क किया है।”
दुबई की कंपनी को दिया है ऑर्डर
विजेसेकरा ने कहा कि दुबई बेस्ड कोल एनर्जी के जरिये 90,000 टन खेप का ऑर्डर दिया गया है। इससे देश की एक मात्र रिफाइनरी फिर से शुरू की जा सकेगी, जो 25 मार्च से बंद पड़ी है। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इसी कंपनी को अगली शिपमेंट के लिए भी ऑर्डर दिया जाएगा। रिफाइनरी का परिचालन बनाए रखने के लिए अगले दो हफ्तों के भीतर एक अन्य शिपमेंट की जरूरत होगी।
मुश्किलों से जूझ रहा है श्रीलंका
इस साल, श्रीलंका को न सिर्फ आर्थिक, बल्कि राजनीतिक रूप से भी झटका लगा है। विदेशी मुद्रा की कमी के कारण, श्रीलंका को फ्यूल, फूड और दवाइयों के आयात के लिए भुगतान करना मुश्किल हो गया है। अप्रत्याशित आर्थिक संकट (financial crisis) से श्रीलंका को अपने कुछ बाहरी कर्ज चुकाने से चूक गया था। क्रूड की ऊंची कीमतों से इकोनॉमी के प्रभावित होने से फ्यूल स्टेशनों पर दोपहिया वाहनों और कारों की कई-कई मील लंबी लाइनें लग गई थीं।
जून में होगी 56.8 करोड़ डॉलर की जरूरत
एशिया के दूसरे देशों की तरह, श्रीलंका भी क्रूड की ऊंची कीमतों से सुरक्षा के लिए लॉन्ग टर्म क्रूड टेंडर्स की व्यवस्था को अपनाना चाहता है। हालांकि, ऊर्जा मंत्री ने कहा, “फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व की कमी के चलते उसकी योजनाओं को झटका लगा है।” विजेसेकरा का अनुमान है कि श्रीलंका को जून में आने वाली फ्यूल की एक दर्जन शिपमेंट के भुगतान के लिए 56.8 करोड़ डॉलर की जरूरत होगी।
सरकार ने नागरिकों से की यह अपील
विजेसेकरा ने एक अन्य मीडिया रिपोर्ट में कहा, “श्रीलंका की सपुगस्कंदा रिफाइनरी साइबेरियन लाइट क्रूड का इस्तेमाल कर रही है। यह कच्चे तेल के कई ग्रेडों में से एक है, जिसे हमारी रिफाइनरी अबू धाबी के मुरबन और ईरानी लाइट ग्रेड के साथ प्रोसेस कर सकती है।”
खाने से लेकर तेल तक हर चीज की कमी के साथ श्रीलंका देश के स्वतंत्र इतिहास के अपने सबसे खराब वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। ईंधन की आपूर्ति इतनी कम है कि सरकार ने नागरिकों से कहा कि वे फिलिंग स्टेशनों पर गैसोलीन के लिए लाइन में न लगें।
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