China-Taiwan Conflict: ताइवान में चीन ने की अब तक की सबसे बड़ी घुसपैठ, एयर डिफेंस जोन का उल्लंघन कर भेजे 71 लड़ाकू जेट

चीनी सेना ने 24 घंटे तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए इस दौरान ताइवान की ओर 71 लड़ाकू विमान तथा 7 युद्धक पोत भेजे। अमेरिका के ताइवान से संबंधित अमेरिकी वार्षिक रक्षा व्यय विधेयक पारित करने के बाद चीन ने यह कार्रवाई की है

अपडेटेड Dec 26, 2022 पर 10:36 AM
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China-Taiwan Conflict: रविवार सुबह 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे के बीच ताइवान के एयर डिफेंस जोन में चीन के 47 विमान गुजरे

China-Taiwan Conflict: चीन (China) अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। भारत (India-China Conflict) के बाद अब चीन ने ताइवान (Taiwan) की सीमा में जबरन घुसपैठ की कोशिश की है। चीनी सेना ने 24 घंटे तक शक्ति प्रदर्शन करते हुए इस दौरान ताइवान की ओर 71 लड़ाकू विमान तथा सात युद्धक पोत भेजे। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमेरिका के शनिवार को ताइवान से संबंधित अमेरिकी वार्षिक रक्षा व्यय विधेयक पारित करने के बाद चीन ने यह कार्रवाई की है।

AP के अनुसार, चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में इसे एक गंभीर राजनीतिक उकसावा करार देते हुए कहा था कि यह चीन के आंतरिक मामलों में खुलेआम हस्तक्षेप है। वहीं, ताइवान ने इस विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्वशासित द्वीप के प्रति अमेरिका के समर्थन को प्रदर्शित करता है। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रविवार सुबह छह बजे से सोमवार सुबह छह बजे के बीच ताइवान के एयर डिफेंस जोन में चीन के 47 विमान गुजरे।

इन फाइटर जेट का किया इस्तेमाल


यह एक अनौपचारिक सीमा है, जिसे दोनों पक्षों ने मौन रूप से स्वीकार किया है। चीन ने ताइवान की ओर जो विमान भेजे उसमें, 18 J-16 लड़ाकू विमान, 11 J-1 लड़ाकू विमान, छह Su-30 लड़ाकू विमान और ड्रोन शामिल हैं। ताइवान ने कहा कि अपनी भूमि आधारित मिसाइल प्रणालियों के साथ-साथ अपने नौसैनिक पोतों के माध्यम से वह चीनी कार्रवाई पर नजर रख रहा है।

चीन ने अमेरिका को दी धमकी

चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के ईस्टर्न थिएटर कमान के प्रवक्ता शी यी ने रविवार को एक बयान में कहा, ‘यह अमेरिका-ताइवान के उकसावे का जवाब है।’ उन्होंने कहा कि पीएलए ताइवान के आसपास के जल क्षेत्र में संयुक्त गश्त कर रहा है और संयुक्त युद्धाभ्यास कर रहा था। शी अमेरिकी रक्षा व्यय विधेयक का जिक्र कर रहे थे, जिसे चीन ने रणनीतिक चुनौती बताया है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 858 अरब डॉलर के रक्षा विधेयक पर शुक्रवार को हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया था। इसमें महंगाई के प्रभाव को कम करने और चीन एवं रूस के प्रति देश की सैन्य प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए सांसदों से किये बाइडेन के वादे से 45 अरब डॉलर अधिक शामिल है।

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