अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के टैरिफ कार्ड पर कनाडा के पलटवार का असर दिखने लगा है। कनाडा के कई प्रांतों ने ट्रंप की ओर से लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ के जवाब में शराब की दुकानों से अमेरिकी ब्रांड्स हटाने का फैसला किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रीमियर डग फोर्ड ने रविवार को एक बयान में कहा कि ओंटारियो के शराब नियंत्रण बोर्ड (LCBO) के रिटेल आउटलेट मंगलवार को शराब की सरकारी दुकानों से अमेरिकी शराबों को हटा देंगे। इसी दिन से अमेरिकी टैरिफ लागू हो रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार से कनाडा, मैक्सिको से अमेरिका आने वाले कई सामानों पर 25 प्रतिशत और चीन के सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आदेश दिया है। आदेश को ट्रंप ने शनिवार को साइन किया। इस आदेश पर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि कनाडा अमेरिकी टैरिफ के जवाब में 155 अरब कनाडाई डॉलर (106.5 अरब अमेरिकी डॉलर) के अमेरिकी सामानों पर 25% टैरिफ लगाएगा।
मैक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा है कि उन्होंने अपने इकोनॉमी मिनिस्टर को अपने देश के हितों की रक्षा के लिए टैरिफ और नॉन-टैरिफ उपायों को लागू करने का आदेश दिया है। वहीं चीनी सरकार ने अमेरिका के खिलाफ इसी तरह के जवाबी एक्शन की कसम खाई है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने रविवार को एक बयान में कहा कि चीन इस टैरिफ का पुरजोर विरोध करता है और विश्व व्यापार संगठन में मुकदमा दायर करेगा।
LCBO एक साल में बेचता है 67.8 करोड़ डॉलर की अमेरिकी शराब
LCBO सालाना लगभग 1 अरब कनाडाई डॉलर (67.8 करोड़ डॉलर) की अमेरिकी वाइन, बीयर, स्पिरिट्स और सेल्टजर बेचता है। यह अपने कैटलॉग से भी अमेरिकी प्रोडक्ट्स को हटा देगा ताकि अन्य रिटेलर्स और रेस्टोरेंट उन्हें फिर से स्टॉक न कर सकें। इसके अलावा कनाडा का क्यूबेक प्रांत भी अपने यहां संचालित शराब की दुकानों को मंगलवार से अमेरिकी शराब को हटाने का निर्देश देने की योजना बना रहा है।
ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर (प्रधानमंत्री, प्रांतीय सरकार का प्रमुख) डेविड एबी ने भी शराब के सरकारी डिस्ट्रीब्यूर को अमेरिका के कुछ एल्कोहल ब्रांड्स को रिटेल आउटलेट्स से हटाने और आगे की खरीद बंद करने का निर्देश दिया है। छोटे प्रांतों नोवा स्कोटिया और मैनिटोबा ने भी अमेरिकी शराब को अपने यहां के आउटलेट्स से हटाने का फैसला किया है। नए आदेश के तहत कनाडा से तेल और बिजली सहित एनर्जी इंपोर्ट पर 25% की बजाय 10% टैरिफ लगेगा।