Texas Migrant Deaths: हर इंसान अपने और अपनों के लिए एक बेहतर जीवन चाहता है। इसके लिए ज्यादातर लोग अपने वर्तमान ठिकानों को छोड़कर दूसरे इलाकों तक में जाते हैं, जिसे हम प्रवास या पलायन (Migration) कहते हैं। इसे एक तरह का संकट भी माना गया है। ऐसे ही वैश्विक प्रवासी संकट (Migration Crisis) हर साल सैकड़ों लोगों की मौत का कारण भी बनते हैं। युद्ध, जलवायु परिवर्तन और राजनीतिक उथल-पुथल के कारण सैंकड़ों की तादाद में लोग पलायन करने को मजबूर होते हैं। ज्यादातर लोग वैश्विक दक्षिण के देशों से बेहतर जीवन जीने के लिए विकसित देशों में जाना चाहते हैं।
जबकि दूसरी तरफ देश, शरणार्थियों को अनुमति देने के मामले में तेजी से रूढ़िवादी होते जा रहे हैं। ऐसे में कई प्रवासी विकसित देशों में घुसने के लिए अवैध तरीके अपनाते हैं। जिसके चलते अक्सर वे घायल हो जाते हैं या अपनी जान गंवा बैठते हैं।
अमेरिका पिछले ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन नियमों को कड़ा दिया था। ऐसे में पिछले पांच सालों में कई प्रवासी अमेरिका में घुसने के लिए मानव तस्करी तक के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वजह से बड़ी तादाद में लोगों की मौत भी हो रही है।
सीरिया में युद्ध और ISIS के उदय के बाद यूरोपीय देशों में घुसने की कोशिश करते समय दूसरी जगहों पर भी प्रवासियों की मौत हुई है।
टेक्सास के सैन एंटोनियो में 46 प्रवासियों की मौत के बाद, हम यहां कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जहां एक देश से दूसरे देश में तस्करी के दौरान प्रवासियों की दम घुटने से मौत हो गई है।
मानव तस्करी बनी प्रवासियों के लिए मौत का जाल
ये सभी घटनाएं केवल दम घुटने से हुई प्रवासियों की मौत के बारे में हैं। मगर बड़ी संख्या में ऐसे प्रवासी भी हैं, जिनकी मौत दूसरे कारणों से हुई है, जैसे नावों का पलटना/डूबना या सब-जीरो तापमान के संपर्क में आना।
2022 में, फ्लोरिडियन कोस्टलाइन, ट्यूनीशियाई कोस्टलाइन, इंग्लिश चैनल, ग्रीक कोस्टलाइन और मोरक्को कोस्टलाइन जैसी कई जगहों पर नावों के पलटने से 100 से ज्यादा प्रवासियों की डूबने से मौत हो गई।
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, 2021 में 4,400 से ज्यादा प्रवासियों ने अपनी जान गंवाई है।