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Tibet Earthquake: तबाही के बाद तिब्बत में दिखा भयानक मंजर, अब तक 126 की मौत, घर-होटल-इमारतें मलबे में तब्दील

तिब्बत के शिगाजे में सात जनवरी को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने भारी विनाश मचाया। इस भूकंप ने कई इमारतों को गिरा दिया और सैकड़ों लोगों की जान ले ली। यह प्राकृतिक आपदा तिब्बत, नेपाल और भारत में महसूस की गई। वहीं तिब्बत में आए इस शक्तिशाली भूकंप के बाद वहां रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 08, 2025 पर 8:34 PM
Tibet Earthquake: तबाही के बाद तिब्बत में दिखा भयानक मंजर, अब तक 126 की मौत, घर-होटल-इमारतें मलबे में तब्दील
Tibet Earthquake: तबाही के बाद तिब्बत में दिखा भयानक मंजर

Tibet Earthquake : साल 2025 के शुरुआत में ही प्रकृति ने एक बार फिर अपनी प्रचंड शक्ति का प्रदर्शन किया। साल के दूसरे ही हफ्ते में तिब्बत में एक विनाशकारी भूकंप आया। सात जनवरी को आए इस भूकंप में अबतक 126 लोगों की जान चली गई और 188 लोग घायल हो गए। तिब्बत के शिगाज़े क्षेत्र में आए 6.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने हजारों इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया। यह भूकंप तिंगरी काउंटी में सुबह 9:05 बजे आया, जो माउंट एवरेस्ट से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। चीन और अमेरिका दोनों ने भूकंप की तीव्रता अलग-अलग दर्ज की है।

तबाही के बाद तिब्बत में दिखा भयानक मंजर

बता दें कि सात जनवरी को आए इस भूकंप के झटके नेपाल, भूटान और भारत के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए, जिससे भारी दहशत फैल गई। भूकंप ने न केवल इमारतों को मलबे में तब्दील कर दिया, बल्कि सैकड़ों जिंदगियां भी छीन लीं। वहीं भूकंप के बाद बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी रहा। बचाव कर्मियों ने मलबे में दबे हुए लोगों की तलाश की और पीड़ितों को तंबू, कंबल, स्टोव और अन्य राहत सामग्री भेजी गई। इन वस्तुओं को उन लोगों तक पहुंचाया गया, जिनके घर अब रहने योग्य नहीं रहे। लेकिन इस बचाव कार्य में सबसे बड़ी मुश्किल वहां की मौसम बन रही है। फिलहाल तिंगरी काउंटी में तापमान माइनस में है और रेस्क्यू ऑपरेशन में ये सबसे बड़ी बाधा बन रही है

माउंट एवरेस्ट के पास था केंद्र

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