Twitter के एक पूर्व इंजीनियर ने चौंकाने वाला दावा किया है। यह दावा ट्विटर के करोड़ों यूजर्स को स्तब्ध कर देगा। 28 अक्टूबर को ट्विटर का अधिग्रहण Elon Musk ने कर लिया। इसके बाद से यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस बीच करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़े इस दावे के बाद हड़कंप मच गया है।
Steve Krenzel एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने 2015 से 2017 तक ट्विटर में किया है। उनका दावा है कि एक बड़ी टेलीकम्युनिकेशंस कंपनी ने उन्हें और उनकी टीम को यूजर्स का ट्रैक रखने को कहा था। उनसे यह बताने को कहा गया था कि यूजर्स कब अपने घर से बाहर जाते हैं और कब वे ऑफिस जाते हैं। इतना ही नहीं उन्हें और उनकी टीम को यूजर्स के पूरे दिन की गतिविधियों का ट्रैक रखने को कहा गया था।
स्टीव ने कहा है कि पिछले हफ्ते ट्विटर पर मस्क का अधिकार हो जाने के बाद मैं इस बारे में बात करने के लिए आजाद महसूस कर रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा है कि ट्विटर में काम करते हुए यह सबसे अनैतिक काम था, जो करने को मुझे कहा गया। उन्होंने इस बारे में ट्विटर पर कई पोस्ट किए हैं। उन्होंने बताया है कि यह बात 2015 से 2016 के बीच की है। तब Dick Costolo ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दिया ही था और Jack Dorsey ट्विटर के अंतिरम सीईओ बने थे।
उन्होंने लिखा है, "मैं एक ऐसी सॉफ्टवेटर टीम के साथ काम कर रहा था, जिसे ब्राजील, इंडिया, नाइजीरिया आदि के लोगों के लिए ट्विटर को बेहतर बनाने का काम सौंपा गया था। इसमें कई तरह का मोबाइल वर्क शामिल था। इनमें से एक पहला काम मोबाइल एप्स पर लॉग्स की अपलोडिंग को बेहतर बनाना था। दूसरे ज्यादातर ऐप्स की तरह ट्विटर यूजर्स का ट्रैक रखता है।" उन्होंने कहा कि एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी चाहती थी कि वह नॉर्थ अमेरिका में सिग्नल स्ट्रेंथ डेटा को लॉग करें और फिर उन्हें इसे भेज दें।
उन्होंने कहा कि वह डेटा साइंस पर काम करते थे, जिसमें यूजर्स की पहचान जाहिर नहीं होती है। जब हमने ये डेटा टेलीकॉम कंपनी को भेजे तो उन्होंने कहा कि ये बेकार हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसा डेटा चाहते हैं जिनमें इस बात की जानकारी हो कि हमारे कितने यूजर्स हमारे प्रतिद्वंद्वी के स्टोर में जाते हैं।
उन्होंने कहा कि जब टेलीकॉम कंपनी ने हमारे डेटा पर नाखुशी जताई तो हमें Twitter ने हमें उसके हेडक्वार्टर जाने और यह समझने को कहा कि वे किस तरह की जानकारी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं वहां एक डायरेक्टर से मिला। उसने कहा कि हम यह जानना चाहते हैं कि यूजर्स कब अपना घर से निकलते हैं। कब वे काम पर जाते हैं। दरअसल हम पूरे दिन की उसकी गतिविधियों की जानकारी चाहते हैं। अगर यह जानकारी नहीं मिल सकती तो फिर बेकार है। उस डायरेक्टर ने यह भी कहा कि हम दूसरी टेक्नोलॉजी कंपनियों से इससे ज्यादा जानकारी हासिल करते हैं।