ब्रिटेन में लिज ट्रस सरकार के लिए लगातार संकट बढ़ता जा रहा है। एक हफ्ते में उनकी कैबिनेट से दूसरा विकेट गिर गया है। सुएला ब्रेवरमैन (Suella Braverman) ने ब्रिटेन की गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने सितंबर महीने में ही गृह मंत्री का पद संभाला था। उन्होंने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
ब्रेवरमैन ने अपने इस्तीफे का कारण नई सरकार के कामकाज के तरीकों को बताया और कहा है कि ये सरकार जिस दिशा में जा रही है उसे लेकर वो चिंतित हैं। गोवा मूल के पिता और तमिल मूल की मां की संतान ब्रेवरमैन को 43 दिन पहले ही गृह मंत्री नियुक्त किया गया था, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट में कार्यभार संभाला था।
इससे पहले ब्रेवरमैन की बुधवार को प्रधानमंत्री ट्रस के साथ बैठक हुई और इसे सरकार की नीति पर असहमति का परिणाम नहीं माना जा रहा। पिछले शुक्रवार को क्रासिंस्की क्वार्टेंग को वित्त मंत्री पद से हटा दिया गया था। उनके उत्तराधिकारी वित्त मंत्री जेरेमी हंट ने सोमवार को सरकार के मिनी-बजट में कटौती कर दी।
इस कदम से ट्रस के नेतृत्व के लिए संकट और बढ़ने की आशंका है। सुएला पर आरोप है कि उन्होंने प्रवासियों से जुड़े सरकारी दस्तावेज को प्रकाशित होने से पहले ही अपने एक साथी सांसद को भेज दिया था। ब्रेवरमैन ने घोषणा की है कि वह अपने व्यक्तिगत ईमेल के दुरुपयोग के कारण पद छोड़ रही हैं।
प्रवासियों पर उदार नीति की आलोचक रहीं ब्रेवरमैन ने ये भी कहा है कि नई सरकार मतदाताओं से किए वादे भी पूरे नहीं कर रही, जैसे प्रवासियों की संख्या कम करना और अवैध प्रवास पर रोक लगाना।
हालांकि, कुछ सांसदों का मानना है कि लिज ट्रस के नए वित्त मंत्री जेरेमी हंट के दबाव के कारण उन्हें हटाया गया है। इससे पहले वित्त मंत्री क्रासिंस्की क्वार्टेंग को भी बर्खास्त कर दिया गया था। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, माना जा रहा है कि ब्रेवरमैन के ऊपर प्रवासियों के लिए उदार नीति अपनाने का दबाव था, जिसकी वजह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
ब्रेवरमैन के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की झड़ी लग गई। कई यूजर्स ने आव्रजन पर उनके सख्त रुख का जिक्र कर मजे लिए। इस्तीफे से पहले ब्रेवरमैन ने रूढ़िवादी सरकार के आलोचकों को "Guardian-reading, tofu-eating wokerati..." के रूप में संबोधित किया था। एक यूजर ने मजे लेते हुए कहा कहा कि "टोफू-खाने" वाली टिप्पणियां उनकी एकमात्र उपलब्धि हो सकती है।