Russia-Ukraine Crisis: यूक्रेन के साथ सीमा पर जारी तनाव के मद्देनजर अमेरिका ने अपने नागरिकों को रूस की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। रूस ने यूक्रेनी सीमा के पास 100,000 सैनिकों को जमा किया है, एक ऐसा कदम जिसे अमेरिका के नेतृत्व वाले देशों का कहना है कि यह युद्ध की प्रस्तावना है।
यूक्रेन स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर अपने नागरिकों से कहा कि यूक्रेन न जाएं क्योंकि रूस की सैन्य कार्रवाई और कोरोना का खतरा है। अपराध और अशांति के चलते भी यहां आने से बचें। बयान में कहा गया है कि क्रीमिया, दोनेत्सक और लुहांसक में भी न जाएं।
अमेरिका ने यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित अपने दूतावास के कर्मचारियों के परिवारों को भी लौट जाने को कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूस और क्रीमिया के दूतावासों से राजनयिकों के परिवार के लोग चले जाएं। रूस की ओर से सैन्य कार्रवाई का खतरा है। खासतौर पर रूस के नियंत्रण वाले पूर्वी यूक्रेन में हालात चिंताजनक हैं।
दरअसल, रूस ने सैनिकों के साथ-साथ यूक्रेन से लगी अपनी सीमा पर टैंक, लड़ाकू वाहन, तोपखाने और मिसाइल भी तैनात कर दिए हैं। क्रेमलिन ने अब तक अपने पड़ोसी पर आक्रमण करने के किसी भी इरादे से इनकार किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव किस हद तक बढ़ सकता है, इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जंगी हथियारों की खेप भेजना अमेरिका ने शुरू कर दिया है।
रविवार को, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने किसी भी संभावित आक्रमण से पहले मास्को पर दंडात्मक प्रतिबंध लगाने के विचार को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें हमले को "निराश" करने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
हालांकि, ब्रिटिश उप प्रधान मंत्री डॉमिनिक रैब ने यूक्रेन पर आक्रमण करने या वहां कठपुतली शासन स्थापित करने की कोशिश करने पर रूस को "गंभीर परिणाम" की चेतावनी दी। मंत्री ने शनिवार को स्काई न्यूज से बात करते हुए यह भी कहा कि रूसी खुफिया अधिकारी आक्रमण की योजना के तहत कई पूर्व यूक्रेनी राजनेताओं के संपर्क में थे।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पूर्वी यूरोपीय देशों में 1,000 से 5,000 सैनिकों को भेजने की योजना पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी दूतावास ने कहा कि 2014 से अब तक हमारी तरफ से यूक्रेन को 2.7 अरब डॉलर की मदद दी जा चुकी है ताकि वह रूस की आक्रामक रणनीति का सामना कर सके।