अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति के तौर पर वह अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान पहली बार संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कनाडा और मेक्सिको के साथ-साथ भारत और चीन पर भी दो अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की बात कही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिका पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है जो ठीक नहीं है। 2 अप्रैल से भारत समेत दूसरे देशों पर बराबर जवाबी टैरिफ लगाए जाएंगे। इसके पहले ट्रंप ने 4 मार्च से कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लागू किए हैं। तीनों देशों पर अमेरिकी सीमा में ड्रग्स और अवैध इमिग्रेंट्स के एक्सचेंज को लेकर एक्शन लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता था एक अप्रैल से करूं, लेकिन एक अप्रैल से नहीं किया क्यों एक अप्रैल ‘अप्रैल फूल’ डे है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 43 दिन में जो किया है वह कई सरकारें अपने 4 या 8 साल के कार्यकाल में नहीं कर पाईं हैं। ट्रंप ने 2 अप्रैल से जैसा को तैसा टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत हमसे 100 फीसदी से ज्यादा टैरिफ वसूलता है। चीन का हमारे सामानों पर औसत टैरिफ हमसे दोगुना है। दक्षिण कोरिया का औसत टैरिफ चार गुना है। जबकि हम उसे काफी सैन्य सहायता देते हैं। ऐसे में 2 अप्रैल से हमारी सरकार जो देश जितना टैरिफ लगाएगा, उस पर उतना ही टैरिफ हम लगाएंगे।
बाइडेन इतिहास के खराब राष्ट्रपति – ट्रंप
डोनाल्ड्र ट्रंप ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को अमेरिकी इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति बताया है। उन्होंने कहा कि बाइडेन के फैसले की वजह से अमेरिका में लाखों अप्रवासियों को घुसने का मौका मिला। ट्रंप का यह भाषण ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिकी सरकार रूस-यूक्रेन वॉर और मिडिल ईस्ट में संघर्ष को खत्म करने और फेडरल सरकार में बदलाव करने पर जोर दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अन्य देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है। अब उन अन्य देशों के खिलाफ उनके हथियार का ही इस्तेमाल करने की हमारी बारी है। औसतन यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अनगिनत अन्य देश हमसे बहुत अधिक टैरिफ वसूलते हैं। उनके मुकाबले हम उनसे कम टैरिफ लेते हैं।
टैरिफ (Tariff) एक तरह का टैक्स है। इसे सरकारें आयात (import) या निर्यात (export) होने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर लगाती हैं। इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करना, घरेलू उद्योगों को संरक्षण देना, राजस्व कमाना और कारोबार में संतुलन बनाए रखना है।
ट्रंप ने जेलेंस्की के लेटर की तारीफ की
ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिखे लेटर की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की का पत्र मुझे बहुत पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा कि हमने रूस के साथ गंभीर बातचीत की है। हमें मॉस्को से मजबूत संकेत मिले हैं कि वे शांति के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अब इस बेकार की जंग को खत्म करने का समय आ गया है।