US Market Crashed: टैरिफ की लड़ाई में अमेरिकी स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा हुआ है। आज 4 मार्च की आधी रात से कनाडा और मैक्सिको की चीजों पर 25 फीसदी की अमेरिकी ड्यूटी और चीन के सामानों पर 10 फीसदी की अतिरिक्त ड्यूटी लागू हो रही है। इसके जवाब में मैक्सिको ने भी जवाबी शुल्क लगाने का ऐलान कर दिया। चीन ने तो पहले से ही 10 मार्च से कुछ अमेरिकी चीजों पर 15 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया हुआ है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी अमेरिकी चीजों पर 25 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही है। ऐसे में टैरिफ वार गहराने की आशंका पर निवेशक घबराहट में धड़ाधड़ शेयर बेचने लगे। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 432 प्वाइंट्स यानी 1 फीसदी तो एसएंडपी 500 और नास्डाक 0.9%-0.9% फिसल गए।
महंगाई की आशंका ने बढ़ाई घबराहट
काोबारी लड़ाई के अलावा टैरिफ के चलते अमेरिका में महंगाई और भड़कने की आशंका बढ़ गई है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक हाई बनाए रख सकता है। इससे भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश सुस्त हो सकता है और अनिश्चितता में इजाफा हो सकता है। इसकी झलक अमेरिकी स्टॉक मार्केट में दिखी।
सबसे अधिक इन शेयरों को लगा शॉक
ओवरऑल लगभग हर सेक्टर को झटका लगा है लेकिन ऑटो स्टॉक्स टैरिफ वार की आंच में बुरी तरह झुलस गए हैं। जनरल मोटर्स और फोर्ड जैसे दिग्गज स्टॉक्स 4-4 फीसदी टूट गए। ऑटो स्टॉक्स के अलावा बात करें तो Chipotle के शेयर 2 फीसदी से अधिक टूट गए। यह अपनी जरूरत का आधे से अधिक एवाकाडो मैक्सिको से मंगाती है तो टैरिफ वार के चलते इनपुट कॉस्ट बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
टेक स्टॉक्स को भी टैरिफ वार ने नहीं बख्सा और एनवीडिया में 1 फीसदी से अधिक गिरावट आई। दो दिनों में यह 9 फीसदी के करीब फिसल चुका है। निवेशकों की परेशानी ये है कि टैरिफ और निर्यात पर अतिरिक्त प्रतिबंधों से चीन में इसके कारोबार पर असर पड़ सकता है। टेस्ला के शेयर 7 फीसदी टूट गए क्योंकि चीन पैसेंजर कार एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में इसकी चीन में बनी गाड़ियों की बिक्री सालाना आधार पर आधी हो गई। महज 30 हजार से कुछ अधिक यूनिट्स के साथ टेस्ला की चीन में बिक्री दो साल के निचले स्तर पर आ गई।