US Presidential Elections: क्या फेडरल रिजर्व के फैसले पर राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का असर पड़ेगा?

फेडरल रिजर्व इस साल दूसरी बार इंटरेस्ट रेट में कर सकता है। इससे पहले उसने सितंबर में इंटरेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कमी की थी। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में इनफ्लेशन घट रहा है। इससे आम लोगों और कंपनियों के लिए लोन लेना सस्ता हो जाएगा

अपडेटेड Nov 03, 2024 पर 7:32 PM
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अमेरिका में अगले साल भी इंटरेस्ट रेट में कमी का सिलसिला जारी रह सकता है।

यह हफ्ता अमेरिका के लिए खास है। 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 7 नवंबर को फेडरल रिजर्व मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिका का नया राष्ट्रपति कौन बनेगा-डोनाल्ड ट्रंप या कमला हैरिस? 7 नवंबर को फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट घटाएगा या स्थिर रखेगा? दूसरे सवाल का जवाब देना आसान है। फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी करेगा। वह इस साल दूसरी बार इंटरेस्ट रेट में करेगा। इससे पहले उसने सितंबर में इंटरेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कमी की थी। इसकी वजह यह है कि अमेरिका में इनफ्लेशन घट रहा है।

फेडरल रिजर्व 7 नवंबर को मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा

फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 7 नवंबर को खत्म होगी। उसी दिन वह बैठक के नतीजों का ऐलान कर देगा। हो सकता है कि तब तक नए राष्ट्रपति के नाम को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाए। उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का असर नहीं पड़ेगा। दरअसल, नए राष्ट्रपति के अपने पद की शपथ लेने के बाद फेडरल रिजर्व को फैसले लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। खासकर डोनाल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं तो फेड के लिए फैसले लेना मुश्किल हो सकता है।


ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर फेड की आजादी पर पड़ सकता है असर

ट्रंप सभी तरह के इंपोर्ट पर टैरिफ बढ़ाने के पक्ष में रहे हैं। वह अमेरिका में गैरकानूनी रूप से रहने वाले प्रवासियों को उनके देश भेजने की पॉलिसी पर जोर देते रहे हैं। वह फेडरल रिजर्व के स्वतंत्र माने जाने वाले फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश कर चुके हैं। इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि इससे इनफ्लेशन फिर से बढ़ सकता है। उम्मीद है कि फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल 7 नवंबर को इंटरेस्ट रेट में एक-चौथाई फीसदी की कमी कर सकते हैं।

अगले साल जारी रह सकता है इंटरेस्ट रेट में कमी का सिलसिला

इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि दिसंबर में भी फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में एक-चौथाई फीसदी की कमी कर सकता है। अगले साल भी इंटरेस्ट रेट में कमी का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे आम लोगों और कंपनियों के लिए लोन लेना सस्ता हो जाएगा। इस बार फेडरल रिजर्व अलग वजह से इंटरेस्ट रेट में कमी कर रहा है। आम तौर पर वह सुस्त पड़ती इकोनॉमी को सहारा देने और नौकरियों के नए मौके पैदा करने के लिए इंटरेस्ट रेट में कमी करता है। लेकिन, अभी इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी है। बेरोजगारी की दर भी 4.1 फीसदी है, जो कम है।

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