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USA-China Tariff War: 'टैरिफ हो या ट्रेड वॉर हम लड़ने के लिए तैयार...': अमेरिका को चीन ने दे दी बड़ी धमकी

USA-China Tariff War: चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन के साथ डराना-धमकाना काम नहीं करेगा। ट्रंप ने जब चीनी वस्तुओं पर 20 फीसदी शुल्क वृद्धि लागू की तो चीन ने कहा कि अगर अमेरिका युद्ध चाहता है। चाहे वह टैरिफ वॉर हो, ट्रेड वॉर हो या कोई अन्य प्रकार का युद्ध हो हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 05, 2025 पर 1:45 PM
USA-China Tariff War: 'टैरिफ हो या ट्रेड वॉर हम लड़ने के लिए तैयार...': अमेरिका को चीन ने दे दी बड़ी धमकी
USA-China Tariff War: टैरिफ को लेकर अमेरिका और चीन में टेंशन और बढ़ती हुई नजर आ रही है

USA-China Tariff War: चीन ने कहा है कि अमेरिका चीनी आयात पर टैरिफ बढ़ाने के लिए फेंटेनाइल का इस्तेमाल एक तुच्छ बहाने के रूप में कर रहा है। चीन ने साफ तौर पर धमकी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका युद्ध चाहता है, चाहे वह टैरिफ हो या ट्रेड वॉर बीजिंग अंत तक लड़ने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि अमेरिका, चीन के आयात पर टैरिफ बढ़ाने के लिए फेंटेनल को एक मामूली बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उसके निर्यात पर दूसरे दौर का 10 प्रतिशत शुल्क लगाने के जवाब में अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने X पर एक पोस्ट में कहा कि चीन के साथ डराना-धमकाना काम नहीं करेगा। मंगलवार को जब अमेरिका ने चीनी वस्तुओं पर 20 फीसदी शुल्क वृद्धि लागू की तो चीन ने कहा कि अगर अमेरिका युद्ध चाहता है। चाहे वह टैरिफ वॉर हो, ट्रेड वार हो या कोई अन्य प्रकार का युद्ध हो हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार भारत और चीन सहित अन्य देशों द्वारा उच्च शुल्क लगाए जाने की आलोचना की। इसे बेहद अनुचित करार दिया। ट्रंप ने साथ ही घोषणा की है कि अगले महीने से जवाबी शुल्क लगाए जाएंगे। राष्ट्रपति ने जवाबी शुल्क को लेकर अपना पक्ष रखा और कहा कि ये दो अप्रैल से लगाए जाएंगे।

वह अन्य देशों से आयात पर वही शुल्क लगाना चाहते हैं, जो वे देश अमेरिका से होने वाले निर्यात पर लगाते हैं। ट्रंप ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "अन्य देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ शुल्क लगाए हैं और अब हमारी बारी है कि हम उन देशों के खिलाफ इसका इस्तेमाल करें। यूरोपीय संघ (ईयू), चीन, ब्राजील, भारत, मेक्सिको और कनाडा क्या आपने उनके बारे में सुना है। ऐसे अनेक देश हैं जो हमारी तुलना में हमसे बहुत अधिक शुल्क वसूलते हैं। यह बिल्कुल अनुचित है।"

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