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क्या रूस विदेशी कर्ज चुकाने में नाकाम रहेगा? जानिए क्या है पूरा मामला

रूस ने बॉन्ड के जरिए फॉरेन इनवेस्टर्स से कर्ज लिया है। किसी देश का बॉन्ड के जरिए कर्ज लेना आम बात है। रूस के कुल कर्ज में विदेशी कर्ज की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है। 1917 की क्रांति के बाद से रूस कभी विदेशी कर्ज चुकाने में नाकाम नहीं रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 11, 2022 पर 5:15 PM
क्या रूस विदेशी कर्ज चुकाने में नाकाम रहेगा? जानिए क्या है पूरा मामला
रूस ने 1998 में डिफॉल्ट किया था। लेकिन तब वह घरेलू कर्ज नहीं चुका पाया था।

रूस विदेशी कर्ज चुकाने में नाकाम रह सकता है। करीब 100 साल में पहली बार रूस पर यह खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, वह डिफॉल्ट से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। पिछले हफ्ते उसने बॉन्ड के जरिए लिए गए कर्ज का पेमेंट रूबल में करने का इंतजाम किया है। हालांकि, रूस को इन बॉन्ड का पैसा डॉलर में चुकाना था। आइए इस पूरे मामले को समझने की कोशिश करते हैं।

क्या रूस के पास कर्ज चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं?

रूस ने बॉन्ड के जरिए फॉरेन इनवेस्टर्स से कर्ज लिया है। किसी देश का बॉन्ड के जरिए कर्ज लेना आम बात है। रूस के कुल कर्ज में विदेशी कर्ज की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है। 1917 की क्रांति के बाद से रूस कभी विदेशी कर्ज चुकाने में नाकाम नहीं रहा है। कर्ज चुकाने में नाकामी किसी देश की खराब वित्तीय स्थिति का संकेत होता है। लेकिन, रूस के मामले में ऐसा नहीं है। रूस के पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त रूबल है। लेकिन, उसके पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त डॉलर नहीं है। चूंकि, रूस ने इस कर्ज को डॉलर में चुकाने का वादा किया था, इसलिए उसे प्रॉब्लम हो रही है।

आखिर डिफॉल्ट का खतरा क्यों पैदा हुआ?

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