वर्ल्ड बैंक ग्रुप ने कहा है कि उसने देशों में इनवेस्टमेंट के माहौल पर ईज ऑफ डुइंग बिजनेस रिपोर्ट प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है। वर्ल्ड बैंक का कहना है कि उसकी जांच में वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से डेटा में गड़बड़ी करने का दबाव डालने का पता चला है। इनमें तत्कालीन चीफ एग्जिक्यूटिव क्रिस्टियाना जॉर्जियेवा भी शामिल थी।
एक स्टेटमेंट में वर्ल्ड बैंक ने कहा कि यह फैसला इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट्स के नैतिकता से जुड़े मामलों को उठाने के बाद लिया गया है।
इनमें बैंक के पूर्व और मौजूदा अधिकारियों का आचरण शामिल है। इस बारे में लॉ फर्म विल्मर हेल ने भी एक जांच की है।
विल्मर हेल की रिपोर्ट में वर्ल्ड बैंक के तत्कालीन प्रेसिडेंट जिम योंग किम की ओर से चीन के स्कोर को बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से दबाव डालने का हवाला दिया गया है।
क्रिस्टियाना अभी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
हालांकि, क्रिस्टियाना ने इन आरोपों से इनकार किया है।