जेलेंस्की ने मांगा एयर डिफेंस सिस्टम, G7 सम्मेलन में दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं को संबोधित किया

जेलेंस्की ने G7 देशों से एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम मांगा। उन्होंने रूस पर और प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला शुरू किया था। चार महीने बाद भी रूस का हमला जारी है

अपडेटेड Jun 27, 2022 पर 5:31 PM
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माना जा रहा है कि G7 के नेता मंगलवार को रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए नए एक्शन प्लान पर विचार करेंगे। रूसी तेल की कीमतों की सीमा तय करने के लिए भी प्लान का ऐलान हो सकता है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का हौसला बरकरार है। G7 की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने G7 देशों से एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम मांगा। उन्होंने रूस पर और प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी को हमला शुरू किया था। चार महीने बाद भी रूस का हमला जारी है।

जेलेंस्की ने सोमवार (27 जून) को G7 शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए सम्मेलन को संबोधित करते हुए दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के नेताओं से मदद की अपील की। उन्होंने नेताओं से यूक्रेन से अनाज का आयात करने को कहा और यूक्रेन में पुनर्निर्माण के लिए भी सहायता मांगी।]

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यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि जाड़े के मौसम की शुरुआत से पहले यह युद्ध खत्म होना चाहिए। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े नेताओं से भी युद्ध खत्म कराने की अपील की। उन्होंने ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका के नेताओं को संबोंधित किया। यह सम्मेनल दक्षिणी जर्मनी में चल रहा है। सोमवार इस सम्मेलन का दूसरा दिन था।

यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच सम्मेलन को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि रूस के बातचीत शुरू करने का समय अभी नहीं आया है। रूस के हमलों में पिछले 24 घंटों में खारकीव में दो महिलाओं की मौत की खबर है।

माना जा रहा है कि G7 के नेता मंगलवार को रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए नए एक्शन प्लान पर विचार करेंगे। रूसी तेल की कीमतों की सीमा तय करने के लिए भी प्लान का ऐलान हो सकता है। उधर, अमेरिका यूक्रेन को आधुनिक एंटी-क्राफ्ट मिसाइल भेजने का प्लान बना रहा है। रूसी तेल पर प्राइस कैप लगाने का प्लान किस तरह असरकारी होगा, इस बारे में जी7 देशों के नेताओं के बीच व्यापक बातचीत होगी।

इस बीच, रूस ने पहली बार विदेशी कर्ज पर डिफॉल्ट किया है। 100 साल के ज्यादा वक्त के बाद रूस विदेशी कर्ज का इंटरेस्ट चुकाने में नाकाम रहा है। हालांकि, उसके पास पैसे की कमी नहीं है। लेकिन, विदेश में रखे उसके ज्यादातर एसेट पर प्रतिबंध लगा हुा है। इस वजह से वह इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है।

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