7th Pay Commission: सरकार ने महंगाई राहत (DR) और महंगाई भत्ता (DA) को 4% बढ़ाने का फैसला किया है। यानी, अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को डीए उनकी बेसिक सैलरी के 50 फीसदी के बराबर मिलेगा। महंगाई राहत और महंगाई भत्ते से सरकारी खजाने पर सालाना 12,868.72 करोड़ रुपये का असर पड़ेगा। इससे करीब 67.95 लाख पेंशनर्स और 49.18 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फायदा होने वाला है। यहां जानते हैं कि 50 फीसदी महंगाई भत्ता होने का क्या मतलब है।
सरकार के महंगाई भत्ते के बढ़ने से परिवहन, डेप्यूटेशन और कैंटीन भत्ते में 25% की बढ़ोतरी होगी। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की महंगाई भत्ता दरें 1 जनवरी 2024 से उनके बेसिक सैलरी का 46% से बढ़कर 50% हो जाएगा। रिवाइज सैलरी स्ट्रक्चर के मुताबिक बेसिक वेतन 7वीं CPC सिफारिशों के अनुसार वेतन मैट्रिक्स में निर्धारित स्तर पर लिया गया वेतन है, लेकिन इसमें किसी अन्य तरह का भत्ता नहीं जोड़ा जाता है।
महंगाई भत्ता पारिश्रमिक का एक अलग हिस्सा बना रहेगा। इसे FR 9(21) के दायरे में वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। महंगाई भत्ते के कारण 50 पैसे और उससे अधिक के बैलेंस को आगे बढ़ाया जाएगा। उससे कम में अंश को हटा दिया जाएगा। महंगाई भत्ते का बकाया पैसा मार्च 2024 के सैलरी में दिया जाएगा। इससे पहले ये पैसा नहीं मिलेगा। ये आदेश रक्षा सेवा अनुमान से वेतन पाने वाले असैन्य कर्मचारियों पर भी लागू होंगे। सशस्त्र बल कर्मियों और रेलवे कर्मचारियों के संबंध में क्रमशः रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय अलग-अलग आदेश जारी करेगा।