कैबिनेट ने बीते हफ्ते महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) को 3 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया था। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) को 1 जुलाई 2021 से मूल वेतन के 28% से बढ़ाकर 31% कर दिया गया है।
एक ऑफिस मेमोरेंडम में वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग ने कहा कि बेसिक वेतन शब्द का अर्थ सातवें वेतन आयोग मैट्रिक्स के अनुसार मिलने वाला वेतन है और इसमें किसी अन्य प्रकार का वेतन जैसे विशेष वेतन आदि शामिल नहीं है।
25 अक्टूबर को जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ता 1 जुलाई, 2021 से मूल वेतन के मौजूदा 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 प्रतिशत किया जाएगा।
DA में यह बढ़ोतरी रक्षा सेवाओं से वेतन पाने वाले सिविलियन कर्मचारियों पर भी लागू होगा। इसके अलावा सशस्त्र बलों के कर्मियों और रेलवे कर्मचारियों के संबंध में रक्षा और रेल मंत्रालय द्वारा अलग-अलग आदेश जारी किए जाएंगे।
नई बढ़ोतरी दिवाली से कुछ दिन पहले की गई है। ताकि, 47 लाख से अधिक कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनभोगियों को फायदा मिल सके। सरकार ने एक बयान में कहा कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत दोनों के कारण राजकोष पर 9,488.70 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का खर्च बढ़ेगा।
डीए और डीआर किस्त चार अवधियों अर्थात् 1 जनवरी, 2020, 1 जुलाई, 2020, 1 जनवरी 2021 और 1 जुलाई 2021 के तहत मिलेगा।
सरकार ने पिछले साल इस तरह की सभी बढ़ोतरी रोक दी थी क्योंकि कोरोनावायरस ने उसके रेवेन्यू पर असर डाल रहा था। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी से सरकार को सालाना 34,400 करोड़ रुपये का नुकसान होने की संभावना है। इस साल जुलाई में डीए की दर 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दी गई थी। अब 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डीए की दर 31 फीसदी हो जाएगी।