8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। 8वें वेतन आयोग को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है और कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें भी सरकार के सामने रख दी हैं। इन मांगों में सैलरी बढ़ाने से लेकर भत्तों में बदलाव तक कई बड़े सुझाव शामिल हैं। कर्मचारी एसोसिएशन 69000 रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी किये जाने की मांग कर रही है। साथ ही हर साल 3 फीसदी इंक्रीमेंट की जगह 6 फीसदी इंक्रीमेंट की डिमांड कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले टाइम में सरकार क्या फैसला करती है।
नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने 51 पेज का एक डिटेल मेमोरेंडम दिया है। इसमें सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की है। इसके साथ ही हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की भी मांग की गई है, ताकि बढ़ती महंगाई के अनुसार सैलरी में सही बढ़ोतरी हो सके।
कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.833 तक बढ़ाने की मांग रखी है। यही फैक्टर तय करता है कि नई सैलरी कितनी बढ़ेगी। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
HRA में भी बड़ा बदलाव संभव
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी अहम सुझाव दिए गए हैं।
X कैटेगरी शहरों में HRA 40%
Z कैटेगरी में 30% किया जाए।
इसके अलावा HRA को महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ने की बात भी कही गई है, ताकि यह अपने आप महंगाई के हिसाब से बढ़ता रहे। साथ ही शहरों की कैटेगरी हर 5 साल में बदलने का सुझाव दिया गया है।
कब से लागू हो सकता है नया वेतन आयोग?
सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन 17 जनवरी 2025 को किया था। उम्मीद है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। फिलहाल यह प्रोसेस चर्चा और सुझाव के चरण में है।
सरकार ने सभी हितधारकों को अपनी राय देने का मौका दिया है। इसके लिए 20 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर मेमोरेंडम जमा करना होगा और उसके बाद बैठक के लिए आवेदन करना होगा। कुल मिलाकर 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। अगर इन मांगों को मंजूरी मिलती है, तो सैलरी, भत्ते और पेंशन में अच्छा खासा इजाफा हो सकता है। अब सभी की नजर सरकार के अंतिम फैसले पर है।