8th Pay Commission: 7वें वेतन आयोग से भी की गई थी सिफारिशें जल्दी लागू करने की मांग, क्या रहा था जवाब

8th Pay Commission: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस दौरान 8वें वेतन आयोग से जुड़े सवाल-जवाबों पर भी नजर रहेगी। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की यूनियंस मांग कर रही हैं कि मौजूदा DA और DR को मूल वेतन में मिला दिया जाए

अपडेटेड Nov 29, 2025 पर 4:14 PM
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आमतौर पर हर 10 साल में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में बदलाव करने के लिए वेतन आयोग का गठन करती है।

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने काम करना शुरू कर दिया है। इसे अपनी सिफारिशें जमा करने में 12-18 महीने लग सकते हैं। लेकिन केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर चाहते हैं कि सिफारिशें जल्द लागू हों। सरकार से इसकी गुजारिश भी की जा रही है। अब देखना यह है कि क्या ऐसा होता है या फिर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को हताश होना पड़ता है। वैसे 7वें वेतन आयोग से भी सिफारिश की गई थी कि वह बदले हुए पे स्ट्रक्चर को जल्दी लागू करे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं था।

7वें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू हुई थीं। इसकी अवधि 2026 में खत्म हो रही है। आमतौर पर हर 10 साल में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन में बदलाव करने के लिए वेतन आयोग का गठन करती है। राज्य सरकारें भी केंद्रीय वेतन आयोग की तर्ज पर अपने कर्मचारियों के वेतन में बदलाव करती हैं।

7वें CPC ने क्यों ठुकराई थी रिक्वेस्ट


पे कमीशन की बातचीत में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी-स्टाफ साइड (JCM-Staff Side)/पेंशनर्स की एसोसिएशन रिप्रेजेंट करते हैं। 7वें वेतन आयोग से JCM-स्टाफ साइड की कई एसोसिएशंस ने मांग की थी कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2014 से लागू की जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया था कि DA को बेसिक पे में मर्ज न करने से सैलरी की वैल्यू में काफी कमी आई है। साथ ही यह मांग भी की गई थी कि सैलरी में रिवीजन हर 5 साल पर किया जाना चाहिए, न कि 10 साल पर।

लेकिन 7वें CPC ने मांगों को ठुकरा दिया। कहा था, "यह आयोग साल 2014 में बनाया गया है, 6ठें CPC की सिफारिशों के लागू होने के 10 साल पूरे होने से बहुत पहले। इसलिए इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 को 6ठें CPC की 10 साल की अवधि खत्म होने से पहले विचार के लिए उपलब्ध होंगी। लेकिन आयोग बदले हुए पे स्ट्रक्चर को जल्दी लागू करने की मांग से सहमत नहीं है और सिफारिश करता है कि 7वां वेतन आयोग लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2016 होनी चाहिए।"

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ऐसे में अब अनुमान यही है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें भी जल्दी लागू न होकर, अपने तय वक्त से ही लागू होंगी। लेकिन हो सकता है कि सरकार कुछ राहत दे दे। संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान 8वें वेतन आयोग से जुड़े सवाल-जवाबों पर भी नजर रहेगी।

बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाए DA और DR

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की यूनियंस अभी भी यह मांग कर रही हैं कि मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन (Basic Pay) में मिला दिया जाए। इसकी वजह है कि वर्तमान DA की दर वास्तविक खुदरा महंगाई की मार को कम करने में नाकाफी साबित हो रही है। इस बीच कई कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स समूहों ने 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंसेज में पेंशन सुधार का स्पष्ट उल्लेख न होने पर नाराजगी जताई है। साथ ही इनमें आयोग की सिफारिशें लागू होने की तारीख का जिक्र न होने की भी बात कही गई है।

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