8th Pay Commission: कर्मचारियों ने रखीं बड़ी मांगें, ओल्ड पेंशन स्कीम से प्रमोशन तक सरकार पर बढ़ा दबाव
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की उम्मीदें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। वेतन बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की वापसी, पेंशन रिवीजन और प्रमोशन नियमों में बदलाव जैसे कई बड़े मुद्दे पिछले हफ्ते हुई NC-JCM की अहम बैठक में उठाए गए
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की उम्मीदें अब खुलकर सामने आने लगी हैं।
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की उम्मीदें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। वेतन बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की वापसी, पेंशन रिवीजन और प्रमोशन नियमों में बदलाव जैसे कई बड़े मुद्दे पिछले हफ्ते हुई NC-JCM की अहम बैठक में उठाए गए। कर्मचारियों ने सरकार से साफ कहा कि सिर्फ नए वेतन आयोग की घोषणा काफी नहीं है, बल्कि पेंशनर्स और कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से पेंडिंग मामलों का समाधान भी जरूरी है। बैठक में बढ़ते कोर्ट केस, स्टाफ की कमी और अलग-अलग विभागों में नीतियों के असमान लागू होने पर भी गंभीर चिंता जताई गई।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर पिछले हफ्ते नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं वार्षिक बैठक में चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथ ने की। बैठक में कर्मचारियों की ओर से 8वें वेतन आयोग, पेंशन, प्रमोशन नीति, कर्मचारियों की कमी और पेंडिंग कोर्ट केस जैसे मुद्दे जोर-शोर से उठाए गए। बैठक में कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा कि सरकारी नीतियों को लागू करने में कई विभागों में असमानता है, जिससे कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
1. 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी मांगें
कर्मचारी संगठनों ने बताया कि उन्होंने 8वें वेतन आयोग के लिए अपना मांगपत्र सरकार को सौंप दिया है। इसमें न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर, सालाना इंक्रीमेंट और प्रमोशन नीति जैसे मुद्दे शामिल हैं।
साथ ही कर्मचारियों ने मांग की कि आयोग की टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में पुराने पेंशनर्स की पेंशन रिवीजन, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, कम्यूटेड पेंशन की वापसी और पेंशन बढ़ाने जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाए।
2. बढ़ते कोर्ट केस पर चिंता
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि सेवा मामलों से जुड़े केस लगातार बढ़ रहे हैं। कई मामले Central Administrative Tribunal हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सालों से पेंडिंग पड़े हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मंत्रालय और विभाग छोटी-छोटी बातों पर भी अपील और रिव्यू पिटीशन दायर कर देते हैं, जिससे कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। उन्होंने मांग की कि एक जैसे मामलों में अदालत के फैसले सभी कर्मचारियों पर लागू किए जाएं ताकि हर कर्मचारी को अलग-अलग कोर्ट न जाना पड़े।
3. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों का मुद्दा
सरकार ने 41 ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को 7 सरकारी कंपनियों में बदल दिया था। कर्मचारी फिलहाल deemed deputation पर काम कर रहे हैं। कर्मचारियों ने मांग की कि इस पीरियड को आगे बढ़ाया जाए ताकि उनकी सर्विस शर्तें सुरक्षित रहें। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, कैबिनेट सचिव ने इस मुद्दे को मंत्रियों के समूह के सामने रखने का भरोसा दिया है।
4. AIIMS कर्मचारियों को राहत की मांग
कर्मचारी पक्ष ने कहा कि पति-पत्नी की एक ही शहर में पोस्टिंग से जुड़ा DoPT का आदेश AIIMS संस्थानों में लागू नहीं हो रहा है। इसकी वजह से खासकर महिला कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी पड़ रही है। संगठनों ने मांग की कि सरकार AIIMS को स्पष्ट निर्देश जारी करे ताकि यह नियम वहां भी लागू हो सके।
5. पेंशनर्स के पेंडिंग मामलों पर नाराजगी
बैठक में यह भी कहा गया कि कई Arbitration Awards सालों से लागू नहीं हुए हैं। इसका असर रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ रहा है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से इन फैसलों को जल्द लागू करने की मांग की।
6. प्रमोशन और इंक्रीमेंट नियम बदलने की मांग
कर्मचारियों ने CCS (RP) Rules 2016 के नियम 10 पर आपत्ति जताई। फिलहाल प्रमोशन के बाद अगले इंक्रीमेंट के लिए 6 महीने पूरे करना जरूरी होता है। इसलिए उन्होंने 6 महीने की जगह 180 दिन का नियम लागू करने की मांग की है।
7. कर्मचारियों की कमी और बढ़ता काम का दबाव
रेलवे समेत कई विभागों में काम लगातार बढ़ रहा है, लेकिन नई भर्ती नहीं हो रही। कर्मचारियों ने कहा कि स्टाफ की कमी की वजह से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। संगठनों ने सरकार से आउटसोर्सिंग और निजीकरण कम करने तथा खाली पदों पर स्थायी भर्ती करने की मांग की है।