Gold Jewellery Trend: महंगे सोने ने बदला ट्रेंड, अब निकल सकता है घरों में रखा पुराना सोना

Gold Jewellery Trend: महंगे सोने और बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी के बीच भारत में गहने खरीदने का तरीका बदल सकता है। ज्वेलरी इंडस्ट्री को उम्मीद है कि अब लोग नया सोना खरीदने की बजाय घरों में पड़ा पुराना सोना एक्सचेंज, रीसायकल या गिरवी रखकर ज्यादा इस्तेमाल करेंगे। जानिए डिटेल।

अपडेटेड May 18, 2026 पर 4:52 PM
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ज्वेलर्स और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों को उम्मीद है कि अब लोग घरों में रखा पुराना और इस्तेमाल न होने वाला सोना बाहर निकालेंगे।

Gold Jewellery Trend: देश में लोगों के गहने खरीदने का तरीका बदलता दिख सकता है। इसकी वजह मांग में कमी नहीं, बल्कि सोने की लगातार बढ़ती कीमतें और ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी हैं।

ज्वेलरी इंडस्ट्री का मानना है कि लोग सोना खरीदना बंद नहीं करेंगे, लेकिन अब खरीदारी का तरीका बदल सकता है। आने वाले समय में पुराने गहनों के एक्सचेंज और गोल्ड रीसाइक्लिंग का चलन तेजी से बढ़ सकता है।

पुराने सोने को फिर इस्तेमाल


ज्वेलर्स और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों को उम्मीद है कि अब लोग घरों में रखा पुराना और इस्तेमाल न होने वाला सोना बाहर निकालेंगे।

Muthoot Exim के CEO केयूर शाह ने कहा कि ग्राहक पुराने गहनों को एक्सचेंज करके नए डिजाइन खरीद सकते हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर लोग सोना बेचकर या गिरवी रखकर नकदी भी जुटा सकते हैं।

उनके मुताबिक भारत के घरों और मंदिर ट्रस्टों में 32,000 टन से ज्यादा सोना पड़ा हुआ है। अगर इसका छोटा हिस्सा भी रीसायकल होने लगे, तो देश की इंपोर्ट पर निर्भरता काफी कम हो सकती है।

सिर्फ कुछ समय का ट्रेंड नहीं

ज्वेलरी इंडस्ट्री का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ थोड़े समय के लिए नहीं होगा। अब ऐसा ट्रेंड लंबे वक्त तक रह सकता है।

सोने की ऊंची कीमतों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम लोगों को पुराने गहनों के बदले नए गहने लेने का मौका देंगे। इससे ग्राहक पूरी कीमत चुकाए बिना अपने गहनों को अपग्रेड कर पाएंगे। खासतौर पर शादी और त्योहारों के सीजन में यह ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है।

सोच समझकर खरीदारी

Zen Diamond India के MD नील सोनावाला का कहना है कि अब ग्राहक वैल्यू को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। उनके मुताबिक लोग नया खर्च बढ़ाने की बजाय पुराने गहनों से ही ज्यादा वैल्यू निकालने की कोशिश करेंगे।

यानी अब लोग पूरी तरह नई खरीदारी करने की बजाय पुराने गहनों को बदलवाने या नए डिजाइन में बनवाने पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।

हल्के गहनों की डिमांड

इंडस्ट्री में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब भारी गहनों की बजाय हल्के और रोज पहनने वाले डिजाइन की मांग बढ़ सकती है।

Svariya Jewels की CEO विष्णुप्रिया सिंह के मुताबिक सोने की ऊंची कीमतें खासकर युवाओं को हल्के गहनों की तरफ धकेल सकती हैं। उन्होंने कहा कि मिलेनियल्स और Gen Z अब ज्वेलरी को सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि रोजमर्रा की फैशन एक्सेसरी की तरह देखने लगे हैं।

इसी वजह से 9KT और 14KT जैसी हल्की ज्वेलरी कैटेगरी की मांग आने वाले समय में तेजी से बढ़ सकती है।

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