8th Pay Commission: नहीं मानी जाएगी 2.57 फिटमेंट की डिमांड? 6th और 7th कमीशन में नहीं मानी थी कर्मचारियों की मांग

8th Pay Commission: सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा की है, जिससे देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में रिवीजन होगा। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं

अपडेटेड May 21, 2025 पर 3:02 PM
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8th Pay Commission: पिछले दो वेतन आयोगों में कर्मचारी पक्ष की मांगें पूरी तरह से नहीं मानी गई थीं

8th Pay Commission: सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा की है, जिससे देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में रिवीजन होगा। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकारी कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना रहेगा। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही कर्मचारियों का सैलरी स्ट्रक्चर तय होता है। महंगाई बढ़ने और खर्चों के बढ़ते बोझ के बीच कर्मचारी चाहते हैं कि इस बार सरकार उनकी मांगों को ध्यान में रखे। पिछले दो वेतन आयोगों में कर्मचारी पक्ष की मांगें पूरी तरह से नहीं मानी गई थीं, लेकिन इस बार उन्हें 2.57 फिटमेंट फैक्टर मिलेगा?

क्या है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है, जिससे पुरानी सैलरी को मल्टीप्लाई करके नई सैलरी तय की जाती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 रखा गया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था।


कर्मचारी एसोसिएशन की डिमांड

नेशनल काउंसिल जेसीएम (NC JCM) के कर्मचारी पक्ष ने सरकार को 15 डिमांड सौंपी हैं, जिनमें फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से अधिक रखने की डिमांड अहम हैं। उनका कहना है कि महंगाई और मौजूदा जीवन स्तर को देखते हुए न्यूनतम वेतन 15वें श्रम सम्मेलन (1957) की सिफारिशों के अनुसार तय किया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों ने कुछ पे लेवल्स को मर्ज करने, भत्तों में सुधार और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में रिवीजन की भी मांग की है। उनका सुझाव है कि नए सैलरी स्ट्रक्चर 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाएं।

क्या सरकार मान लेगी मांग?

एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार पूरी मांगों को शायद ही माने। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर 1.92 तक ही सीमित रख सकती है।

पिछले वेतन आयोगों में क्या हुआ?

6th Pay Commission: कर्मचारियों ने 10,000 रुपये न्यूनतम सैलरी की मांग की थी। आयोग ने इसे सही नहीं माना। बाद में 5,479 रुपये की सिफारिश की। बाद में इसे बढ़ाकर 7,000 रुपये कर दिया गया।

7th Pay Commission (2015): कर्मचारी पक्ष ने 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग की थी (3.7 गुना बढ़ोतरी)। आयोग ने Aykroyd फार्मूले के आधार पर इसे 18,000 रुपये और फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा।

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