8th Pay Commission Pension: 67% न्यूनतम पेंशन और OPS का विकल्प! जानिए 65 लाख पेंशनर्स की ये 7 बड़ी डिमांड्स

8th Pay Commission Pensioner Demands: 65 साल की उम्र से पेंशन बढ़ाने, 15 साल के कम्यूटेशन पीरियड को घटाकर 10-11 साल करने और न्यूनतम पेंशन को 67% करने का प्रस्ताव रखा गया है। जानिए 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए क्या है आयोग का पूरा प्लान

अपडेटेड Sep 13, 2026 पर 8:33 AM
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1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को लेकर यूनियनों में काफी उत्सुकता है

8th Pay Commission Pensioner Demands: केंद्र सरकार के करीब 65 लाख पेंशनभोगियों और रक्षा कर्मियों के लिए 8वां केंद्रीय वेतन आयोग बेहद अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बना आयोग देश के अलग-अलग राज्यों और कर्मचारी-पेंशनर यूनियनों के साथ परामर्श बैठकों में सुझाव जुटा रहा है।

1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को लेकर यूनियनों में काफी उत्सुकता है। विभिन्न संगठनों (जैसे- NC-JCM, AIDEF और BPSAPA) ने आयोग के सामने पेंशन से जुड़ी कई अहम मांगें रखी हैं। आइए समझते हैं कि देश के करोड़ों पेंशनर्स ने 8वें वेतन आयोग के सामने कौन सी 7 सबसे बड़ी मांगें रखी हैं।

1. न्यूनतम पेंशन में भारी बढ़ोतरी (67% ऑफ लास्ट पे)


पेंशनर संगठनों की सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम पेंशन की राशि को बढ़ाना है। यूनियनों का प्रस्ताव है कि न्यूनतम पेंशन को कर्मचारी के 'अंतिम आहरित वेतन' (Last Pay Drawn - LPD) या अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन का कम से कम 67 प्रतिशत तय किया जाए।

2. उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में बढ़ोतरी

बुढ़ापे में मेडिकल खर्चों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए पेंशनर्स ने 65 वर्ष की उम्र से ही चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की है:

  • 65 वर्ष की उम्र: बेसिक पेंशन का 70% (LPD का)
  • 70 वर्ष की उम्र: बेसिक पेंशन का 75%
  • 75 वर्ष की उम्र: बेसिक पेंशन का 80%
  • 80 वर्ष की उम्र: बेसिक पेंशन का 85%
  • 85 वर्ष की उम्र: बेसिक पेंशन का 90%
  • 90 वर्ष व उससे अधिक: बेसिक पेंशन का 100% (पूरा वेतन)

3. कम्यूटेशन रीस्टोरेशन पीरियड को 15 से घटाकर 10-12 साल करना

वर्तमान नियमों के तहत यदि कोई कर्मचारी रिटायरमेंट पर पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त लेता है, तो उसकी पूरी पेंशन बहाल होने में 15 साल लगते हैं। यूनियनों का तर्क है कि 15 साल का नियम दशकों पुराना है। NC-JCM और AIDEF ने इसे घटाकर 11 साल, AINPSEF ने 10 साल और IRTSA ने 12 साल करने की जोरदार मांग की है।

4. फिटमेंट फैक्टर और 1 जनवरी 2026 से पहले वालों का पेंशन रिवीजन

पेंशन गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर में संशोधन की मांग की गई है। इसके अलावा, पेंशनर्स एसोसिएशनों (जैसे REWA) ने मांग की है कि आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में स्पष्ट रूप से 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन के पुनरीक्षण को शामिल किया जाए।

5. महंगाई राहत (DR) का एकीकरण और पुनरीक्षण

समय के साथ बढ़ती महंगाई के असर को बेअसर करने के लिए 'महंगाई राहत' (DR) के मौजूदा ढांचे की समीक्षा करने और इसे पेंशन लाभों के साथ बेहतर तरीके से इंटीग्रेट करने की सिफारिश की गई है।

6. ग्रेच्युटी की सीमा में बढ़ोतरी और फैमिली पेंशन का दायरा

पेंशनर्स ने सेवामुक्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की ऊपरी सीमा को बढ़ाने और पारिवारिक पेंशन के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने की मांग रखी है, ताकि कर्मचारी के न रहने पर उसके आश्रितों को आर्थिक तंगी न झेलनी पड़े।

7. पेंशन योजना चुनने का विकल्प (OPS vs UPS vs NPS)

कर्मचारियों और रिटायर्ड एसोसिएशनों ने यह मांग भी रखी है कि पेंशनभोगियों को उनकी जरूरतों के आधार पर पुरानी पेंशन योजना (OPS), एकीकृत पेंशन योजना (UPS) या नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में से चुनने की आजादी दी जाए।

कब लागू होंगी सिफारिशें?

नवंबर 2025 में आयोग के गठन से 18 महीने की समयसीमा के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक सौंपे जाने का अनुमान है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही नई सिफारिशों को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।

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