पेंशनर्स को मिल सकती है बड़ी राहत! हर 5 साल में बढ़ सकती है पेंशन, OPS-विधवा बहू को पेंशन देने की सिफारिश

8th Pay Commission Pension: केंद्र सरकार के पेंशनर्स और कर्मचारियों के लिए आने वाले समय में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों की अहम बैठक में हर पांच साल पर पेंशन बढ़ाने, कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने और परिवार पेंशन के दायरे में विधवा बहू को शामिल करने जैसी मांगों पर चर्चा हुई है..

अपडेटेड May 20, 2026 पर 1:27 PM
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8th Pay Commission Pension: केंद्र सरकार के पेंशनर्स और कर्मचारियों के लिए आने वाले समय में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं।

8th Pay Commission Pension: केंद्र सरकार के पेंशनर्स और कर्मचारियों के लिए आने वाले समय में कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों की अहम बैठक में हर पांच साल पर पेंशन बढ़ाने, कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने और परिवार पेंशन के दायरे में विधवा बहू को शामिल करने जैसी मांगों पर चर्चा हुई है। खास बात यह है कि कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने इनमें से कई प्रस्तावों को 8वें वेतन आयोग के पास भेजने का भरोसा दिया है। ऐसे में लाखों पेंशनर्स को उम्मीद है कि महंगाई के दौर में उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है। NC-JCM की 49वीं सालाना बैठक में कर्मचारी पक्ष ने अपनी मांगें रखी।

हर 5 साल में पेंशन बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग यह रही कि पेंशन में संशोधन हर पांच साल पर होना चाहिए। अभी पेंशन में बड़ा बदलाव नए वेतन आयोग के लागू होने पर होता है, जिसमें लंबा समय लग जाता है। संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से बुजुर्ग पेंशनर्स की मुश्किलें बढ़ रही हैं। दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा के खर्चों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन पेंशन उसी हिसाब से नहीं बढ़ती। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने इस मांग को 8वें वेतन आयोग के पास भेजने का भरोसा दिया है।


फैमिली पेंशन को 30% तक सीमित करने पर आपत्ति

बैठक में फैमिली पेंशन का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। कर्मचारी पक्ष ने कहा कि किसी कर्मचारी या पेंशनर की मौत के बाद परिवार को मिलने वाली पेंशन बहुत कम हो जाती है।

अभी नियम यह है कि कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद आखिरी वेतन का करीब 50 फीसदी पेंशन मिलता है, लेकिन मृत्यु के बाद परिवार को सिर्फ 30 फीसदी अमाउंट दिया जाता है। संगठनों का कहना है कि इससे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है, खासकर तब जब घर की इनकम का दूसरा साधन न हो। इस मांग को भी 8वें वेतन आयोग के पास भेजा जाएगा।

दिव्यांग बच्चों के लिए आसान हो सकती है फैमिली पेंशन

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से यह भी कहा कि शारीरिक रूप से दिव्यांग आश्रित बच्चों से ‘नो इनकम सर्टिफिकेट’ मांगना सही नहीं है। उनका तर्क है कि कई सरकारी दफ्तर ऐसे प्रमाणपत्र जारी ही नहीं करते, जिससे परिवारों को परेशानी होती है। इसलिए दिव्यांग बच्चों को बिना अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया के फैमिली पेंशन मिलनी चाहिए। सरकार ने इस मामले में पेंशन विभाग को व्यावहारिक समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।

OPS को लेकर फिर उठी मांग

पुरानी पेंशन योजना (OPS) का मुद्दा भी बैठक में उठा। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि जिन पदों की भर्ती प्रक्रिया 22 दिसंबर 2003 से पहले शुरू हुई थी, उन कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलना चाहिए, भले ही उनकी नियुक्ति बाद में हुई हो।

खास तौर पर अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों के मामले में सरकार ने राहत के संकेत दिए हैं। बताया गया कि अगर कर्मचारी ने 22 दिसंबर 2003 से पहले आवेदन किया था और बाद में नौकरी मिली, तो उसे OPS का फायदा दिया जा सकता है।

विधवा बहू को भी फैमिली पेंशन देने की मांग

कर्मचारी पक्ष ने परिवार पेंशन के दायरे को बढ़ाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी परिवार में बेटे की मृत्यु हो जाती है और बहू पूरी तरह परिवार पर निर्भर है, तो उसे भी फैमिली पेंशन का अधिकार मिलना चाहिए। सरकार ने इस मामले को कानून मंत्रालय के साथ मिलकर जांचने की बात कही है।

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