EPS-95 पेंशनर्स के लिए 7,500 रुपये महीना पेंशन मिलने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि सरकार ने न्यूनतम EPS पेंशन बढ़ाने का फैसला ले लिया है? नई दर 1 मई 2026 से लागू हो गई है। इस खबर के वायरल होते ही लाखों पेंशनर्स के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, अब EPFO ने इस दावे पर बड़ा बयान जारी करते हुए वायरल लेटर को पूरी तरह फर्जी बताया है।
वायरल लेटर में क्या लिखा था?
फर्जी नोटिफिकेशन में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद EPS-95 के सभी पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹7,500 मंथली की जा रही है।
इसमें यह भी कहा गया कि सभी संबंधित विभागों और पेंशन एजेंसियों को तुरंत नई पेंशन लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
यही वजह है कि यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और कई पेंशनर्स इसे सच मान बैठे।
EPFO ने अपने आधिकारिक X (पहले Twitter) अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि EPS पेंशन बढ़ाने वाला यह लेटर पूरी तरह फर्जी है।
संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल EPFO की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
अभी कितनी मिलती है न्यूनतम EPS पेंशन?
फिलहाल EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 मंथलीहै। यह योजना उन कर्मचारियों पर लागू होती है जो संगठित क्षेत्र में काम करते हैं और नौकरी जॉइन करते समय जिनकी बेसिक सैलरी ₹15,000 तक होती है। यह नियम उन संस्थानों पर लागू होता है जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं।
हर महीने कितना कटता है EPS के लिए?
EPFO हर महीने कर्मचारी की सैलरी से EPS के लिए योगदान काटता है। यह अमाउंट कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 8.33% होती है। अधिकतम कटौती ₹1,250 तक हो सकती है। यानी पेंशन की रकम कर्मचारी की सर्विस पीरियड और पेंशन योग्य वेतन के आधार पर तय की जाती है। इसके अलावा सदस्य पेंशन और विधवा या विधुर पेंशन के लिए न्यूनतम ₹1,000, बच्चों की पेंशन ₹250 और अनाथ पेंशन ₹750 तय है।