8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन से लेकर DA तक में क्या बदलेगा, कितना मिलेगा एरियर; समझिए पूरा हिसाब
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग से सैलरी, पेंशन और एरियर में बड़ा बदलाव होगा। फिटमेंट फैक्टर, DA नीति और एरियर की टाइमलाइन पर सरकार का रुख साफ हो चुका है। जानिए कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितना फायदा मिल सकता है।
अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 के आसपास तय होता है, तो बेसिक सैलरी दोगुने से भी ज्यादा हो सकती है।
8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) से 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बदलाव होने की संभावना है। हालांकि, अभी इसकी लागू होने की तारीख और सरकार पर पड़ने वाले खर्च को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इस बार भी वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय होगी। फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी और बेसिक पेंशन को गुणा किया जाता है। फैक्टर जितना ज्यादा होगा, उतनी ही बड़ी बढ़ोतरी मानी जाएगी।
18 महीने में आ सकती हैं सिफारिशें
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया। इसके चेयरपर्सन जस्टिस रंजन प्रभा देसाई हैं। प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट-टाइम मेंबर बनाया गया है, जबकि पंकज जैन इस आयोग के मेंबर-सेक्रेटरी हैं।
सरकार को उम्मीद है कि वेतन आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर सौंप देगा। मौजूदा 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है। माना जा रहा है कि नई सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती है।
कर्मचारियों को कितना मिलेगा एरियर
कर्मचारियों और पेंशनर्स को सिफारिशें मंजूर होने के बाद एरियर मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार की प्रक्रिया को देखते हुए इसे लागू होने में एक से दो साल तक का समय लग सकता है। अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2028 में लागू होती हैं, लेकिन उन्हें जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है, तो कर्मचारियों को पूरे 24 महीनों का एरियर मिलेगा।
अब मान लीजिए कि न्यूनतम बेसिक पे वाले कर्मचारी की सैलरी में हर महीने औसतन ₹11,900 की बढ़ोतरी होती है। ऐसे में 24 महीनों के हिसाब से कुल एरियर करीब ₹2.85 लाख बैठेगा।
यानी सिर्फ एंट्री-लेवल कर्मचारी को भी लगभग ₹2.8 से ₹3 लाख तक का एरियर मिलने की संभावना बनती है, जबकि ऊंचे पे लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह रकम कई गुना ज्यादा हो सकती है।
DA और DR पर सरकार का रुख साफ
वित्त मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सोशल मीडिया और कर्मचारी संगठनों में चल रही चर्चाओं पर इससे विराम लग गया है।
DA और DR पहले की तरह हर छह महीने में बढ़ते रहेंगे। इसकी गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर की जाती रहेगी।
फिटमेंट फैक्टर 2.15 हुआ तो क्या असर पड़ेगा
अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 के आसपास तय होता है, तो बेसिक सैलरी दोगुने से भी ज्यादा हो सकती है। इसका सीधा असर HRA, पेंशन और अन्य भत्तों पर भी पड़ेगा, क्योंकि ये सभी बेसिक पे से जुड़े होते हैं।
नीति स्तर पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें वित्त वर्ष 2028 में लागू की जा सकती हैं। ऐसे में 1 जनवरी 2026 से लागू होने तक का एरियर दिया जा सकता है, जो करीब पांच तिमाहियों का हो सकता है।
सरकार पर कितना पड़ेगा बोझ
एक्सपर्ट का अनुमान है कि केंद्र और राज्यों को मिलाकर वेतन आयोग का कुल बोझ 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है। अगर इसमें एरियर भी शामिल हुआ, तो यह आंकड़ा 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
सरकार ने कहा है कि सिफारिशें लागू करने के लिए जरूरी बजटीय इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही, कर्मचारियों को राहत देने और वित्तीय संतुलन बनाए रखने- दोनों पर बराबर ध्यान रखा जाएगा।