8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लंबे समय से जिस अपडेट का इंतजार था, वह अब सामने आ चुका है। 8वें सेंट्रल पे कमिशन को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत के अहम प्वाइंट पर अपडेट आया है। केंद्र सरकार को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कर्मचारी एसोसिएशन की तरफ से कई सुझाव मिले हैं। संसद में इस विषय पर पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बयान दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि कर्मचारियों के दिये सुझावों पर सरकार क्या फैसला लेती है?
सरकार को राष्ट्रीय संयुक्त सलाहकार मशीनरी (NC-JCM) ने भी कर्मचारियों की कई डिमांड सरकार के आगे रखी है। ये सुझाव फरवरी 2025 में दिए गए थे। ये जानकारी संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दी। राज्यसभा सदस्य भुवनेश्वर कलिता ने सरकार से पूछा था कि क्या कर्मचारियों की ओर से कोई सुझाव मिले हैं। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रमुख हितधारकों से इस पर फीडबैक मांगा है, जिनमें रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक विभाग और राज्य सरकारें भी शामिल हैं। अब आइए जानते हैं कि स्टाफ साइड की तरफ से 8वें वेतन आयोग के लिए कौन-कौन से 15 प्रमुख सुझाव दिए गए हैं।
ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को कवर किया जाए
आयोग में केंद्र सरकार के इंडस्ट्रियल और नॉन-इंडस्ट्रियल कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विसेज, रक्षा और अर्धसैनिक बल, ग्रामीण डाक सेवक, सुप्रीम कोर्ट व ऑडिट विभाग और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों को शामिल करने की मांग की गई है। वेतन रिवीजन 1 जनवरी 2026 से लागू हो। नया सैलरी स्ट्रक्चर भी 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाए।
निचले स्तर के वेतन को मर्ज किया जाए
न्यूनतम वेतन ‘लिविंग वेज’ के आधार पर तय हो। यानी, ऐसा वेतन जो एक परिवार की जरूरतें सम्मानपूर्वक पूरी कर सके। जैसे लेवल 1 और 2, 3 और 4 को मिलाकर एक किया जाए ताकि पे मैट्रिक्स और साफ हो सके। हर कर्मचारी को कम से कम 3 प्रमोशन तय समय पर मिलें।
जब तक आयोग की रिपोर्ट लागू न हो, तब तक कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतरिम राहत मिले। महंगाई भत्ता और राहत को मौजूदा वेतन और पेंशन में जोड़ने की मांग की गई है। 7वें वेतन आयोग की अनसुलझी दिक्कतों को सुलझाया जाए।
पुरानी और नई पेंशन में समानता हो और कम्युटेड पेंशन 12 साल में बहाल हो। एनपीएस खत्म कर के पुरानी पेंशन व्यवस्था (CCS Rules) लागू करने की मांग। पुराने एडवांसेस फिर से शुरू किए जाएं और ज़रूरत के हिसाब से नए एडवांस दिए जाएं।
स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारी जाएं
CGHS और फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को बेहतर किया जाए। कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा मिले। रेलवे कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस मिले। जो कठिन परिस्थितियों में 24x7 काम करते हैं। डिफेंस सिविलियन को अलग रिस्क अलाउंस और इंश्योरेंस मिले, जो विस्फोटक या केमिकल्स जैसे खतरनाक माहौल में काम करते हैं। फिलहाल सरकार इन सुझावों पर मंथन कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो सकती है। यदि ये सुझाव माने जाते हैं, तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत और खुशखबरी मिल सकती है।