भारतीय रसोइयों की शक्ल अब बदलने वाली है। केंद्र सरकार देश के ऊर्जा ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 'पाइप्ड नेचुरल गैस' (PNG) को तेजी से बढ़ावा दे रही है। नई नीति के तहत, जिन इलाकों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां भविष्य में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की निर्भरता को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 2026 में जारी निर्देशों के अनुसार, पीएनजी न केवल सस्ती है, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के मामले में भी पारंपरिक सिलेंडर से कोसों आगे है।
आखिर क्यों सरकार दे रही है PNG पर जोर?
वर्तमान में वैश्विक तेल आपूर्ति में अस्थिरता (विशेषकर मिडिल ईस्ट संकट के कारण) के चलते एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता पर असर पड़ता है। पीएनजी एक स्वदेशी और अधिक भरोसेमंद विकल्प है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आपको सिलेंडर खत्म होने या बुकिंग की चिंता नहीं करनी पड़ती। यह आपके घर में नल के पानी की तरह 24 घंटे उपलब्ध रहती है।
अगर आपके क्षेत्र में पीएनजी की सुविधा आ गई है, तो आप इन आसान स्टेप्स से नया कनेक्शन ले सकते हैं:
1. वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने क्षेत्र की गैस वितरक कंपनी (जैसे Indraprastha Gas Limited (IGL) या Mahanagar Gas Limited (MGL) की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
2. रजिस्ट्रेशन: होमपेज पर ‘New PNG Connection’ के विकल्प को चुनें।
3. विवरण भरें: अपना नाम, मोबाइल नंबर और पूरा पता दर्ज करें।
4. दस्तावेज अपलोड करें: पहचान पत्र (आधार, पैन, या वोटर आईडी) और पते का प्रमाण (बिजली बिल या प्रॉपर्टी पेपर) स्कैन करके अपलोड करें।
5. शुल्क भुगतान: आवश्यक आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
6. पुष्टि: आवेदन जमा करने के बाद आपको एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि आपके दस्तावेजों की भौतिक जांच करेंगे और इंस्टॉलेशन की तारीख तय करेंगे।
कनेक्शन के लिए आपको कुछ बुनियादी कागजात तैयार रखने होंगे:
* पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस।
* निवास प्रमाण: बिजली का बिल, राशन कार्ड या रेंट एग्रीमेंट।
* मालिकाना हक: अगर आप मकान मालिक हैं तो प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, और यदि किराएदार हैं तो मकान मालिक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)।
पीएनजी और एलपीजी की तुलना करें तो पीएनजी आर्थिक रूप से काफी सस्ती पड़ती है। एलपीजी में आपको पूरे सिलेंडर का भुगतान पहले करना पड़ता है, जबकि पीएनजी में 'पे-एज-यू-यूज' (जितना इस्तेमाल, उतना बिल) मॉडल काम करता है। इसके अलावा, सिलेंडर फटने या लीकेज का खतरा भी पीएनजी में न के बराबर होता है क्योंकि इसका दबाव काफी कम रखा जाता है।
क्या सिलेंडर रखना बंद करना होगा?
फिलहाल सरकार दोनों कनेक्शन साथ रखने की अनुमति देती है। कई लोग बैकअप के तौर पर सिलेंडर रखते हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता अब पीएनजी की ओर शिफ्ट होने की है। यदि आपको डिलीवरी या बुकिंग में समस्या आती है, तो आप Indian Oil या HP Gas के हेल्पलाइन नंबरों पर मदद ले सकते हैं।