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Aadhaar-Pan Linking: छोटी-सी लापरवाही से बढ़ सकता है टैक्स बोझ, जानिए कैसे बचें

Aadhaar-Pan Linking: आधार और पैन को लिंक करना अब सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि ज़रूरी कदम है। अगर यह लिंक नहीं है, तो आपका PAN इनऑपरेटिव हो जाएगा और बैंक आपकी आय पर ज्यादा TDS काटेंगे। समय पर लिंकिंग करने से आप अतिरिक्त टैक्स बोझ से बच सकते हैं और रिफंड भी आसानी से मिलेगा, जिससे आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहेगी।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 14, 2026 पर 4:04 PM
Aadhaar-Pan Linking: छोटी-सी लापरवाही से बढ़ सकता है टैक्स बोझ, जानिए कैसे बचें

भारत में टैक्स से जुड़ी एक अहम प्रक्रिया को लेकर आयकर विभाग ने फिर से चेतावनी दी है। अगर आपका PAN कार्ड आधार से लिंक नहीं है, तो यह जल्द ही इनऑपरेटिव हो सकता है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा बैंक और वित्तीय संस्थान आपकी आय पर उच्च दर से TDS (Tax Deducted at Source) काटेंगे। यानी आपकी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाएगा, और आपको रिफंड पाने में भी देरी होगी।

क्यों है आधार-पैन लिंकिंग जरूरी?

वर्तमान टैक्स नियमों के तहत PAN को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। अगर यह लिंक नहीं है, तो PAN को इनऑपरेटिव मान लिया जाता है। इसका मतलब है कि आप न तो सही तरीके से ITR दाखिल कर पाएंगे, न ही समय पर रिफंड मिलेगा। साथ ही, बैंक और अन्य संस्थान आपकी आय पर ज्यादा TDS काटेंगे।

क्या हो सकता है नुकसान?

मान लीजिए आपकी सालाना आय पर सामान्य तौर पर 10% TDS कटता है। लेकिन अगर PAN इनऑपरेटिव हो गया, तो यह दर बढ़कर 20% तक जा सकती है। यानी आपकी जेब से दोगुना पैसा कट जाएगा। कई लोग इसे सिर्फ एक “औपचारिकता” मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हकीकत में यह आपकी वित्तीय योजना को बिगाड़ सकता है।

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