31 मार्च है एडवांस टैक्स की डेडलाइन, चूके तो देना पड़ेगा अतिरिक्त ब्याज
31 मार्च एडवांस टैक्स की आखिरी तारीख है। अगर 90% टैक्स नहीं भरा, तो ब्याज लगेगा। सैलरीड, फ्रीलांसर और बिजनेस वालों को खास ध्यान देना चाहिए। समय पर भुगतान से अतिरिक्त टैक्स बोझ से बचा जा सकता है। जानिए डिटेल।
एडवांस टैक्स आमतौर पर चार किस्तों में भरा जाता है- जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च।
वित्त वर्ष 2025-26 अब खत्म होने वाला है और 31 मार्च 2026 आखिरी तारीख है। टैक्सपेयर्स के पास यह अंतिम मौका है कि वे अपनी इनकम चेक करें और एडवांस टैक्स में अगर कोई कमी है तो उसे पूरा कर लें। अगर यह डेडलाइन निकल गई, तो Income Tax के नियमों के तहत अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।
एडवांस टैक्स क्या होता है
एडवांस टैक्स का मतलब है कि आप साल भर में ही टैक्स किस्तों में भरते रहें, बजाय इसके कि पूरा पैसा रिटर्न भरते समय एक साथ दें।
अगर TDS और TCS घटाने के बाद आपकी कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 से ज्यादा है, तो एडवांस टैक्स देना जरूरी हो जाता है। हालांकि, 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिक, जिनकी कोई बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम नहीं है, उन्हें इससे छूट मिलती है।
किन लोगों को देना होता है एडवांस टैक्स
एडवांस टैक्स इन लोगों पर लागू होता है:
सैलरीड लोग जिनकी एक्स्ट्रा इनकम है, जैसे ब्याज या कैपिटल गेन
प्रोफेशनल्स और फ्रीलांसर
बिजनेस करने वाले लोग
जिनका TDS पूरा टैक्स कवर नहीं करता
अगर कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 से ज्यादा है, तो आपको एडवांस टैक्स देना ही होगा।
सबसे अहम तारीख क्यों है 31 मार्च
एडवांस टैक्स आमतौर पर चार किस्तों में भरा जाता है- जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च। लेकिन 31 मार्च सबसे महत्वपूर्ण है। इस तारीख तक आपको अपनी कुल टैक्स देनदारी का कम से कम 90% चुका देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो Section 234B के तहत ब्याज लगेगा। अगर आपने पहले की किस्तें मिस कर दी हैं, तब भी 31 मार्च से पहले बाकी टैक्स भरकर ब्याज का बोझ कम किया जा सकता है।
एडवांस टैक्स कैसे निकालें
एडवांस टैक्स निकालने के लिए ये आसान स्टेप्स फॉलो करें:
पूरे साल की अपनी अनुमानित इनकम जोड़ें
ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम में से सही विकल्प चुनें
कुल टैक्स कितना बनता है, यह निकालें
उसमें से TDS और TCS घटाएं
जो रकम बचती है, उसे एडवांस टैक्स के रूप में भर दें
ध्यान रखें, अगर बाद में रिटर्न भरते समय आप टैक्स रिजीम बदलते हैं, तो टैक्स दोबारा कैलकुलेट होगा और कमी पर ब्याज लग सकता है।
किन मामलों में मिलती है राहत
Presumptive taxation (Section 44AD/44ADA) के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स के लिए नियम थोड़ा अलग है। उन्हें पूरे साल में किस्तों में टैक्स भरने की जरूरत नहीं होती, बल्कि पूरा 100% एडवांस टैक्स 15 मार्च तक एक बार में जमा करना होता है। इससे छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स को कैलकुलेशन और पेमेंट दोनों में आसानी मिलती है।
वहीं, वरिष्ठ नागरिक जिनकी कोई बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है। यानी उन्हें साल के दौरान एडवांस टैक्स भरने की जरूरत नहीं होती और वे सीधे रिटर्न फाइल करते समय अपना टैक्स चुका सकते हैं।
नियम न मानने पर क्या होगा
अगर एडवांस टैक्स नहीं भरा या देर से भरा, तो ब्याज देना पड़ेगा:
Section 234B: अगर 31 मार्च तक कुल टैक्स का 90% नहीं भरा, तो जो कमी रह जाएगी उस पर हर महीने 1% ब्याज लगेगा।
Section 234C: अगर किस्तें समय पर नहीं भरीं, तो उस पर भी हर महीने 1% ब्याज लगेगा।
अभी भी मौका है
वित्त वर्ष खत्म होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में अपनी इनकम दोबारा जांच लें, TDS क्रेडिट देख लें और अगर कोई कमी है तो तुरंत टैक्स भर दें। एडवांस टैक्स सिर्फ नियम नहीं, बल्कि एक अच्छी फाइनेंशियल आदत भी है।
अगर आप 31 मार्च से पहले सही कदम उठाते हैं, तो अतिरिक्त ब्याज और झंझट से बच सकते हैं। जिन्होंने पहले की किस्तें मिस कर दी हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका है कि वे नुकसान कम करें और नियमों का पालन करें।