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Budget 2026 के बाद रिटायरमेंट प्लानिंग, EPF, PPF और NPS में कौन सा विकल्प सबसे बेहतर?

EPF PPF or NPS: बजट 2026 के बाद EPF, PPF और NPS में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन तीनों योजनाएं अलग-अलग निवेशकों की जरूरतों के हिसाब से सुरक्षा, टैक्स लाभ और रिटर्न का संतुलन देती हैं। EPF स्थिरता, PPF टैक्स-फ्री बचत और NPS ऊंची रिटर्न की संभावना के साथ रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अहम विकल्प बने हुए हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 02, 2026 पर 12:14 AM
Budget 2026 के बाद रिटायरमेंट प्लानिंग, EPF, PPF और NPS में कौन सा विकल्प सबसे बेहतर?

बजट 2026 पेश होने के बाद निवेशकों की नजर फिर से उन योजनाओं पर टिक गई है जो रिटायरमेंट के लिए सबसे सुरक्षित और लाभकारी मानी जाती हैं। EPF, PPF और NPS तीनों ही लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन इनकी प्रकृति और फायदे अलग-अलग हैं। सरकार ने इस बार इन योजनाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है, जिससे निवेशकों को अपने हिसाब से चुनाव करने का मौका मिलता है।

EPF (Employees’ Provident Fund) नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प है। इसमें लगभग 8.5% की स्थिर ब्याज दर मिलती है और यह पूरी तरह सरकार समर्थित है। लंबे समय तक नौकरी करने वालों को यह योजना स्थिरता और सुरक्षा देती है। साथ ही, निकासी पर टैक्स छूट भी मिलती है।

PPF (Public Provident Fund) उन लोगों के लिए है जो लंबी अवधि की टैक्स-फ्री बचत चाहते हैं। इसमें 7.1% ब्याज दर मिलती है, जिसे सरकार हर तिमाही तय करती है। 15 साल का लॉक-इन पीरियड होने के बावजूद सातवें साल से आंशिक निकासी की सुविधा है। छोटे निवेशक भी इसमें ₹500 से शुरुआत कर सकते हैं और सालाना ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकते हैं।

NPS (National Pension System) युवाओं और जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए आकर्षक है। यह मार्केट-लिंक्ड है, यानी इक्विटी और बॉन्ड पर निर्भर करता है। लंबे समय में इसका रिटर्न EPF और PPF से अधिक हो सकता है। टैक्स छूट भी इसमें सबसे ज्यादा है धारा 80C के अलावा अतिरिक्त ₹50,000 की छूट मिलती है। हालांकि, इसमें 60 साल तक निवेश लॉक-इन रहता है और मैच्योरिटी पर एन्युटी में पैसा लगाना अनिवार्य है, जिससे नियमित पेंशन मिलती है।

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