After Gold, Silver Hallmarking: गोल्ड ज्वैलरी पर धोखाधड़ी से बचने के लिए हॉलमार्क को प्रमोट किया गया और इसे अनिवार्य भी कर दिया गया। अब चांदी के गहनों की बारी है। केंद्र सरकार चांदी के गहनों और चांदी के सामानों की अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे में लाने पर विचार कर रही है ताकि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी न हो सके। यह जानकारी ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड्स (BIS) के एक सीनियर अधिकारी ने दी। अभी की बात करें तो चांदी की हॉलमार्किंग होती तो है लेकिन यह अनिवार्य नहीं है जबकि गोल्ड के चीजों की हॉलमार्किंग अनिवार्य है।
अभी जो सिस्टम हैं, उसमें हॉलमार्क की गई चांदी की चीजों पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर होता है, जिससे खरीदार BIS डेटाबेस के जरिए शुद्धता और ट्रेसबिलिटी की जांच कर सकते हैं। हालांकि अभी यह चांदी के सभी सामानों पर अनिवार्य नहीं है।
बीआईएस के डायरेक्टर जनरल संजय गर्ग का कहना है कि इंडस्ट्री की मांग चांदी को भी अनिवार्य हॉलमार्किंग के तहत लाने की है। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि न भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) चांदी पर अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू करने से पहले जरूरी रेगुलेटरी और इंफ्रा जरूरतों की जांच कर रहा है, जिसमें टेस्टिंग कैपेसिटी और असेइंग (शुद्धता परीक्षण) स्टैंडर्ड शामिल है। संजय गर्ग का कहना है कि धीरे-धीरे सिल्वर हॉलमार्किंग बढ़ रही है और अब तक 20 लाख से अधिक चांदी की चीजों पर HUID के लिए हॉलमार्किंग की जा चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2024 में वालंटरी हॉलमार्किंग 31 लाख से बढ़कर वर्ष 2025 में 51 लाख तक पहुंच गई। इसकी अनिवार्य हॉलमार्किंग को लेकर उनका कहना है कि इसके लिए फिलहाल कोई समयसीमा तय नहीं की गई है और कोई भी फॉर्मल नोटिफिकेशन जारी करने से पहले सभी इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स से चर्चा की जाएगी और टेस्टिंग इंफ्रा को अपग्रेड किया जाएगा।
भारत दुनिया में सिल्वर के सबसे बड़े कंज्यूमर में शुमार
चांदी की हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर ऐसे समय में विचार किया जा रहा है, जब चांदी की कीमतें रॉकेट की स्पीड से ऊपर बढ़े हैं। बीआईएस के अधिकारियों का कहना है कि इसे लेकर सरकार को गोल्ड की अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू करने में सरकार को जो अनुभव हासिल हुए हैं, उसका इस्तेमाल सिल्वर की हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने में किया जाएगा। अभी चांदी की हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है लेकिन जो ज्वैलर्स अपने चांदी की ज्वैलरी के शुद्धता की पहचान प्रमाणित करवाना चाहते हैं, उस पर छह अंकों की हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन डिजिट्स (HUID) होना अनिवार्य है। बता दें कि हॉलमार्क किए गए चांदी के गहनों के लिए HUID का इस्तेमाल करना सितंबर 2025 से अनिवार्य है, लेकिन चांदी की सभी चीजों के लिए हॉलमार्किंग अभी तक अनिवार्य नहीं की गई है। भारत चांदी के मामले में दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है, जिसकी सालाना मांग 5,000-7,000 टन होने का अनुमान है, जबकि घरेलू उत्पादन इस जरूरत का केवल एक छोटा-सा हिस्सा भर ही है।