Akshaya Tritiya: बदल रहा ज्वेलरी का ट्रेंड, जानिए अक्षय तृतीया पर कैसे गहने खरीद रहीं महिलाएं
Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया पर ज्वेलरी खरीदने का ट्रेंड बदल रहा है। ऊंची कीमतों के बीच महिलाएं अब वजन नहीं, बल्कि डिजाइन, वैल्यू और स्मार्ट खरीदारी पर फोकस कर रही हैं। आखिर इस बार बाजार में क्या अलग है?
युवा ग्राहकों में ऐसे डिजाइन की मांग बढ़ रही है जो फेस्टिव और डेली यूज दोनों में काम आ सकें।
Akshaya Tritiya: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के मौके पर ज्वेलरी बाजार में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है। सोने की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, फिर भी इस बार डिमांड स्थिर से लेकर थोड़ी मजबूत रहने की उम्मीद है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब लोग पहले की तरह जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।
कीमतें ऊंची, लेकिन खरीदारी जारी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऊंचे दाम की वजह से भले ही खरीदी जाने वाली मात्रा (वॉल्यूम) पर थोड़ा असर पड़े, लेकिन कुल वैल्यू के हिसाब से डिमांड बनी रह सकती है। इसकी वजह यह है कि अब लोग कम लेकिन बेहतर और सोच-समझकर खरीद रहे हैं।
डिजाइन और वैल्यू पर ज्यादा फोकस
Ethera के को-फाउंडर नितेश जैन के मुताबिक, इस साल लोग वजन के बजाय डिजाइन, वैल्यू और लंबे समय तक पहनने लायक ज्वेलरी को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। यानी भारी गहनों के बजाय स्मार्ट और काम की चीजों पर ध्यान बढ़ा है।
हल्के वजन की ज्वेलरी, गोल्ड कॉइन और ऐसे डिजाइन जो रोज भी पहने जा सकें, उनकी मांग ज्यादा रहने की उम्मीद है। साथ ही पुराने गहनों को एक्सचेंज करके नई खरीदारी करने का ट्रेंड भी मजबूत हो सकता है।
युवा खरीदार बदल रहे हैं बाजार
युवा ग्राहकों में ऐसे डिजाइन की मांग बढ़ रही है जो फेस्टिव और डेली यूज दोनों में काम आ सकें। यह एक बड़ा बदलाव दिखाता है। अब लोग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि उपयोग और वैल्यू को ध्यान में रखकर खरीदारी कर रहे हैं।
रिटेलर्स को ग्रोथ की उम्मीद
CaratLane के मैनेजिंग डायरेक्टर सौमेन भौमिक का कहना है कि कंपनी को डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। इसके पीछे बेहतर बाजार माहौल और प्लान्ड खरीदारी का ट्रेंड है। उन्होंने 'बारबेल' ट्रेंड की बात कही- यानी मांग दो तरफ ज्यादा दिख सकती है, एक सस्ती हल्की ज्वेलरी और दूसरी महंगी सॉलिटेयर ज्वेलरी।
Zen Diamond India के मैनेजिंग डायरेक्टर नील सोनावाला के अनुसार, बिक्री में 15-20% तक बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर 1 लाख रुपये से ऊपर की ज्वेलरी में भी दिलचस्पी बनी हुई है, जो दिखाता है कि लोग सोच-समझकर बड़े खर्च भी कर रहे हैं।
डायमंड अब सिर्फ सजावट नहीं, निवेश भी
PNGS Reva Diamond Jewellery के CEO अमित मोदक का कहना है कि लोग अब सर्टिफाइड नैचुरल डायमंड को सिर्फ पहनने के लिए नहीं, बल्कि वैल्यू स्टोर के तौर पर भी देख रहे हैं। इससे ऐसे शुभ मौकों पर इसकी मांग और बढ़ती है।
Solitario के CEO रिक्की वासंदानी के मुताबिक, लैब-ग्रोउन डायमंड की मांग तेजी से बढ़ सकती है। वजह साफ है... कम कीमत में बड़े और आकर्षक डायमंड मिल रहे हैं, जिसे वे 'स्मार्ट लग्जरी' विकल्प बता रहे हैं।
पारंपरिक ज्वेलर्स को भी अच्छे संकेत
C Krishniah Chetty Group के मैनेजिंग डायरेक्टर सी विनोद हयग्रीव के अनुसार, फेस्टिवल से पहले ही स्टोर्स में अच्छी बिक्री दिख रही है। गोल्ड, डायमंड, सिल्वर और लैब-ग्रोउन ज्वेलरी- सबमें डिमांड नजर आ रही है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार प्रदर्शन पिछले साल से बेहतर रहेगा।
ऑफलाइन स्टोर अभी भी मजबूत
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बढ़ रहे हैं, लेकिन ज्वेलरी खरीदते वक्त भरोसा और प्रोडक्ट को खुद देखने का अनुभव बहुत मायने रखता है। इसलिए ऑफलाइन स्टोर अभी भी प्रमुख बने रहेंगे। हालांकि लोग अब ऑनलाइन रिसर्च और ऑफलाइन खरीद... दोनों को मिलाकर चल रहे हैं।
बदल रहा है खरीदारी का तरीका
Shringar House of Mangalsutra के चेतन ठाडेश्वर के मुताबिक, अब डिमांड डिजाइन और उपयोगिता पर शिफ्ट हो रही है। पारंपरिक ज्वेलरी भी अब ऐसी बन रही है, जिसे रोजाना पहना जा सके। साफ है कि बाजार सिर्फ कीमतों से नहीं, बल्कि सोच-समझकर खरीदारी करने वाले ग्राहकों से भी बदल रहा है।