Retirement Planning: छोटी सैलरी से भी बना सकते हैं बड़ा रिटायरमेंट फंड, बस इन 7 बातों का रखें ध्यान

Retirement Planning: छोटी सैलरी में भी बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना मुमकिन है। लेकिन, इसके लिए आपको कुछ बातों पर अमल करना होगा। आइए जानते हैं कि आप छोटी सैलरी से भी बड़ा रिटायरमेंट कैसे बना सकते हैं और आपको किन बातों का ख्याल रखना होगा।

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 2:46 PM
Story continues below Advertisement
हर महीने सैलरी आते ही कम से कम 15-20% रकम अलग कर दें। जो बचे, उसी में खर्च मैनेज करें।

Retirement Planning: अगर आज की कॉर्पोरेट जॉब की बात करें, तो अमूमन शुरुआती सैलरी 30 हजार रुपये होती है। इतनी सैलरी सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में एक ही बात आती है- 'इसमें सेविंग ही नहीं हो पाती, रिटायरमेंट का फंड कहां से बनेगा?'

लेकिन सच यह है कि बड़ा फंड सिर्फ बड़ी सैलरी से नहीं बनता, बल्कि सही आदतों और समय के साथ बनता है। अगर आप थोड़ी प्लानिंग, थोड़ा डिसिप्लिन और थोड़ा धैर्य रखते हैं, तो यही 30 हजार की सैलरी भी आगे चलकर करोड़ के आसपास का फंड बना सकती है।

1. कम सैलरी में कैसे करें बचत?


मशहूर निवेशक वॉरेन बफे का कहना है, 'आपको खर्च करने के बाद पैसे नहीं बचाने हैं। पहले पैसे बचाने हैं, फिर खर्च करना है।' आपकी सैलरी 30 हजार हो या फिर 3 लाख... ये नियम सबको के लिए बराबर है।

अगर आपकी इनकम 30,000 रुपये है, तो कोशिश यह होनी चाहिए कि कम से कम 20% रकम बचाई जाए। यानी करीब 6,000 रुपये हर महीने निवेश के लिए निकालना एक अच्छा टारगेट है। शुरुआत में यह मुश्किल लग सकता है। लेकिन, जैसे ही आप खर्चों को ध्यान से देखना शुरू करते हैं, आपको खुद समझ आने लगता है कि पैसे कहां बेवजह जा रहे हैं।

Personal Loan 2 (1)

2. खर्च घटाने का तरीका क्या है?

अब मान लीजिए आपकी 30,000 रुपये सैलरी है। इसमें खर्च का हिसाब कमोबेश कुछ ऐसा है:

  • 10,000-12,000 रुपये किराया और जरूरी खर्च।
  • 6,000-8,000 रुपये खाने-पीने और ट्रैवल।
  • 4,000-5,000 रुपये अन्य छोटे-मोटे खर्च।

यहां अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी या बेवजह सब्सक्रिप्शन जैसे खर्चों में 2,000-3,000 रुपये की कटौती कर देते हैं, तो यही रकम निवेश के काम आ सकती है। छोटी बचत ही आगे चलकर बड़ा फंड बनाती है। आप सब्सक्रिप्शन के खर्च को दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं।

3. SIP से ही क्यों करनी चाहिए शुरुआत?

कम सैलरी में बचत का सबसे आसान रास्ता है- SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान। अगर आप हर महीने 6,000 रुपये निवेश करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 25 साल में यह रकम करीब 1.1-1.2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। अगर शुरुआत में 6,000 रुपये निकालना मुश्किल लगे, तो 3,000 रुपये से शुरू करें। लेकिन, सबसे जरूरी है शुरुआत करना।

बेस्टसेलर किताब रिच डैड, पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी का कहना है कि यह चीज कोई मायने नहीं रखती कि आप कितना कमाते हैं। जो चीज मायने रखती है, वो है कि आप कितना बचाते हैं।

4. हर साल थोड़ा-थोड़ा बढ़ाएं निवेश

सिर्फ निवेश करना ही काफी नहीं, उसे बढ़ाना भी जरूरी है। अब मान लीजिए आप 3,000 रुपये से शुरुआत करते हैं और हर साल इसमें 10% बढ़ोतरी करते हैं। कुछ ही सालों में आपकी निवेश रकम तेजी से बढ़ने लगती है।

25 साल में यही तरीका आपको करीब 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंचा सकता है। यही स्ट्रैटेजी कम सैलरी वालों के लिए गेम चेंजर साबित होती है।

Personal Loan 13

5. इमरजेंसी फंड और इंश्योरेंस

कम इनकम में सबसे बड़ा जोखिम यह होता है कि अचानक खर्च आ जाए और आपको निवेश तोड़ना पड़े। इसलिए पहले 50,000 से 1 लाख रुपये तक का इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी है, जो कम से कम 3-4 महीने के खर्च को संभाल सके।

साथ ही 5-10 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस रखना भी जरूरी है, क्योंकि एक मेडिकल बिल आपकी सालों की मेहनत खराब कर सकता है। आपका पूरा बजट और निवेश का प्लान बिगाड़ सकता है।

6. महंगाई को न करें नजरअंदाज

आज अगर आपका खर्च 20,000 रुपये महीना है, तो यह हमेशा इतना ही तो नहीं रहेगा। महंगाई हर साल आपका खर्च बढ़ाती रहती है। अगर महंगाई औसतन 6% रहती है, तो भी 25 साल बाद यही खर्च 70,000-80,000 रुपये तक पहुंच सकता है।

इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के लिए आपको कम से कम 1.5-2 करोड़ रुपये का फंड चाहिए होगा, ताकि आपकी लाइफस्टाइल पर असर न पड़े। यह आपकी जरूरतों के मुताबिक बढ़ भी सकता है। तो रिटायरमेंट प्लानिंग में इसका सबसे ज्यादा ख्याल रखना चाहिए।

आज ₹20000 है मंथली खर्च, तो रिटायरमेंट के बाद कितने पैसों की होगी जरूरत? समझिए पूरा कैलकुलेशन - if your monthly expense is rs 20000 today here is complete calculation of how

7. साइड इनकम से बड़ा फर्क

अगर आप अपनी 30,000 रुपये की सैलरी के साथ 2,000-5,000 रुपये की अतिरिक्त इनकम भी जोड़ लेते हैं। जैसे फ्रीलांस काम, पार्ट-टाइम या ऑनलाइन स्किल तो आपका पूरा प्लान तेज हो सकता है।

इस एक्स्ट्रा इनकम को सीधे निवेश में डालना सबसे स्मार्ट कदम होता है। कई लोग इसे साइड इनकम समझकर गैरजरूरी कामों में खर्च करने की गलती कर देते हैं। अमेरिका विचारक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने कहा था, 'छोटे-छोटे खर्चों से सावधान रहें; एक छोटा सी लीकेज भी बड़े जहाज को डुबो सकता है।'

इन बातों का भी रखें ध्यान

  • हर महीने सैलरी आते ही कम से कम 15-20% रकम अलग कर दें। जो बचे, उसी में खर्च मैनेज करें। यही आदत लंबे समय में फंड बनाती है।
  • सैलरी आते ही पूरा पैसा अकाउंट में पड़ा रहेगा तो खर्च करने का लालच रहेगा। इसे अलग सेविंग/इन्वेस्टमेंट अकाउंट रखें, ताकि पैसा आंखों से दूर रहे।
  • हर महीने SIP या सेविंग ऑटोमैटिक कटने की सेटिंग। इससे 'इस महीने छोड़ देते हैं' वाला बहाना ही खत्म हो जाए। क्योंकि इससे बचत पर फर्क पड़ता है।
  • छोटी रकम भी लगातार निवेश होगी तो कंपाउंडिंग काम करेगी। बीच-बीच में पैसा निकालना या SIP रोकना सबसे बड़ी गलती होती है।
  • कुछ खरीदने का मन करे तो तुरंत मत खरीदीइए। 24 घंटे रुककर देखिए। हम अक्सर जल्दबाजी में कई ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जिनका ज्यादा यूज नहीं होता।
  • जो भी अतिरिक्त पैसा आए, उसे खर्च नहीं, सीधे निवेश में डालिए। जैसे कि बोनस, गिफ्ट या फिर साइड इनकम। यही फंड को तेजी से बड़ा करता है।

8th Pay Commission: कब और कहां होंगी मीटिंग, कौन ले सकता है हिस्सा? सामने आई पूरी डिटेल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।