गोल्ड की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को किया शॉक्ड, GJC चेयरमैन ने कहा- सरकार कम करे टैक्स

Gold Price: देश में सोने-चांदी का भाव हॉट टॉपिक बना हुआ है। देश का हर एक ग्राहक यह जानना चाहता है कि सोने-चांदी का भाव कितना ऊपर जा सकता है या कितना नीचे आ सकता है? अगर ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने मनीकंट्रोल हिंदी से बात की..

अपडेटेड Feb 19, 2026 पर 5:01 PM
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Gold Price: देश में सोने-चांदी का भाव हॉट टॉपिक बना हुआ है।

Gold Price: देश में सोने-चांदी का भाव हॉट टॉपिक बना हुआ है। देश का हर एक ग्राहक यह जानना चाहता है कि सोने-चांदी का भाव कितना ऊपर जा सकता है या कितना नीचे आ सकता है? अगर ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े की माने तो 2026 में एक किलोग्राम चांदी का भाव 5,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकता है। वहीं, 10 ग्राम सोने का भाव 2,00,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। अगर सरकार सोने-चांदी पर जीएसटी और इंपोर्ट ड्यूटी घटाती है तो भाव में कमी आ सकती है। गोल्ड-सिल्वर ज्वैलरी इंडस्ट्री की डिमांड और कीमतों को लेकर राजेश रोकड़े ने मनीकंट्रोल हिंदी के साथ बातचीत की। पेश है बातचीत के कुछ अंश..

सरकार घटाए इंपोर्ट ड्यूटी और GST

देश में 10 ग्राम सोने का भाव 1,59,000 रुपये के आसपास है। गोल्ड पर देश में कुल 9 फीसदी टैक्स लगता है। 6 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी और 3 फीसदी जीएसटी। सरकार ने जब गोल्ड पर जीएसटी 3 फीसदी लगाया, तब 10 ग्राम सोने का भाव 30,000 रुपये के आसपास था। 10 ग्राम सोना खरीदने पर ग्राहक को 900 रुपये जीएसटी लगता था। आज जब सोने का भाव 1,59,000 रुपये से ऊपर है, तब 10 ग्राम सोने पर 4,770 रुपये जीएसटी लगता है। अगर इसमें 6 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी को जोड़ दें तो ये सोने के भाव बढ़ाने का ही काम कर रहा है। यही कारण है कि गोल्ड एसोसिएसशन और ज्वैलर्स सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी दोनों घटाने की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन की मांग है कि सरकार टैक्स को 9 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी तक लेकर आए। सरकार को जीएसटी और इंपोर्ट ड्यूटी दोनों कम करने की जरूरत है।


सरकार फॉरेनर्स को दे जीएसटी रिफंड

अभी इंडिया में फॉरेन टूरिस्ट जो भी शॉपिंग करते हैं या गोल्ड ज्वैलरी खरीदते हैं, उन्हें एयरपोर्ट पर जीएसटी रिफंड नहीं मिलता। इंडिया में गोल्ड ज्वैलरी पर जीएसटी 3 फीसदी है। जबकि, दुबई में गोल्ड ज्वैलरी खरीदने पर 5 फीसदी वैट लगता है। टूरिस्ट्स को एयरपोर्ट पर वैट रिफंड मिल जाता है। दुबई से गोल्ड लाने पर ग्राहकों को कोई टैक्स नहीं देना होता। सरकार को इंडियन गोल्ड ज्वैलरी इंडस्ट्री को कंपिटिटिव बनाने के लिए फॉरेन टूरिस्ट्स को जीएसटी रिफंड देना चाहिए।

सरकार गोल्ड खरीदने के लिए फिर शुरू करे EMI सिस्टम

गोल्ड का दाम 1.60 लाख रुपये 10 ग्राम तक पहुंच गया है। आम आदमी के लिए सोना खरीदना बजट से बाहर हो रहा है। सरकार से डिमांड है कि EMI सिस्टम को फिर लेकर आए। ताकि, आम लोगों ईएमआई पर गोल्ड खरीद सकें। इससे बैंकिंग सिस्टम को भी फायदा होगा।

सिल्वर पर हॉलमार्किंग

अभी देश में गोल्ड पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है। सिल्वर पर हॉलमार्किंग ऑप्शनल है। सरकार का प्लान आगे सिल्वर पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य करना है। लेकिन क्या हम इसके लिए तैयार हैं? इस सवाल पर राकेश रोकड़े ने बताया कि देश में गोल्ड हॉलमार्किंग के लिए 2700 लैब्स है। ये काफी कम है। वहीं, सिल्वर के लिए सिर्फ 220 लैब्स है। सिल्वर की खपत ज्यादा है, जब तक सिल्वर के लिए हॉलमार्किंग लैब्स का नंबर नहीं बढ़ता। सरकार को इसे अनिवार्य नहीं करना चाहिए।

आगे कहां होगा सोने चांदी का दाम?

राकेश रोकड़े ने कहा कि जैसे हालात हैं दिवाली तक देश में एक किलोग्राम चांदी का भाव 5,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकता है।10 ग्राम सोने का भाव 2,00,000 रुपये तक जा सकता है।

 

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