Amrapali Home Buyers: क्या आपने भी आम्रपाली ग्रुप के किसी प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था। अगर आपको अभी तक अपने फ्लैट का पजेशन नहीं मिल पाया है तो यह खबर आपके लिए है। अगर आप यह मौका चूक गए तो मुमकिन है कि आपका अपने घर का सपना और टल सकता है। आम्रपाली ग्रुप के होमबायर्स को इन दिनों एक नोटिफिकेशन आ रहा है। इस नोटिफिकेशन में कहा जा रहा है कि कोर्ट रिसीवर ऑफिस पहले होम बायर्स के डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन करेगा। उसके बाद ही ग्राहकों को NOC और पजेशन लेटर मिल सकता है। ऐसे कई मामले हैं जहां आम्रपाली के होम बायर्स NBCC के संपर्क में नहीं हैं। अगर ऐसा है तो वो कोर्ट रिसीवर ऑफिस से अपना डॉक्यूमेंट अप्रूव कराना चूक सकते हैं। कई ऐसे मामले हैं जहां आम्रपाली के कई प्रोजेक्ट में खरीदारों ने अपार्टमेंट की चाबियां पाने के लिए NBCC ऑफिस में कॉन्टेक्ट नहीं किया है।
कई बार एक्सटेंशन देने के बाद कुछ ग्राहक जिन्होंने अपने अपार्टमेंट को रिजर्व किया था और सेलिंग प्राइस के कुछ हिस्से के लिए पेमेंट किया था। उन्होंने कानून के मुताबिक मांगे गए क्लेम पेश नहीं किये हैं। अखबार में ऐसे फ्लैट्स और प्रोजेक्ट की भी जानकारी दी गई है। इसमें लिखा था कि हैंडओवर के संबंध में बार-बार जारी किए गए नोटिस के बाद, नीचे उन होम बायर्स की लिस्ट दी गई है, जिन्होंने अभी तक एनबीसीसी से अपनी यूनिट की चाबी नहीं ली है। ये 22 अप्रैल 2024 को आया था। इन्हें 30 दिनों के अंदर चाबी सौंपने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। ऐसा करने पर फेल होने पर उनका क्लेम उस यूनिट क्लेम रद्द माना जाएगा। इसके बाद उनके क्लेम पर विचार नहीं किया जाएगा।
होम बायर्स यहां कर सकते हैं संपर्क
आम्रपाली के जिन होम बायर्स को खरीदारों के पास कोई सवाल है तो C-56/40, सेक्टर -62 नोएडा उत्तर प्रदेश में संपर्क कर सकते हैं। होम बायर्स 30 दिनों के अंदर कोर्ट रिसीवर ऑफिस में संपर्क कर सकते हैं। आम्रपाली कोर्ट रिसीवर वेबसाइट के मुताबिक अगले 30 दिनों में भी घर की चाबी नहीं लेने वाले होम बायर्स को उसके बाद यूनिट कैंसिल हो जाएगा। ऐसी कैंसिल की गई इकाइयों को बिना बिकी इन्वेंट्री के रूप में माना जाएगा। इसके बाद ऐसी यूनिट्स के खिलाफ किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा और लिस्ट भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय को सूचित की जाएगी।
साल 2017 में आम्रपाली कंपनी जारी किए गए चेक बाउंस होने लगे, तो आम्रपाली के लिए सब कुछ गलत होने लगा। उसी साल बैंक ऑफ बड़ौदा ने आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में दिवालियापन का दावा दायर किया। अदालत ने 23 जुलाई 2019 के फैसले में होम बायर्स को दिये गए गए भरोसे को तोड़ने के लिए दोषी बिल्डरों पर कार्रवाई की गई और रियल एस्टेट कानून RERA के तहत आम्रपाली ग्रुप का पंजीकरण रद्द करने का आदेश दिया और इसे राष्ट्रीय राजधानी में प्रमुख एसेस्ट से बाहर कर दिया था।