New Salary Rule 2026: अप्रैल 2026 से देशभर के लाखों कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार के नए लेबर नियम लागू होने के बाद अब सैलरी का स्ट्रक्चर बदल गया है। इसका सीधा असर आपकी इन-हैंड सैलरी और फ्यूचर की सेविंग दोनों पर पड़ेगा। सरकार ने यूनिफॉर्म वेज का नियम लागू किया है। इसके तहत अब आपकी बेसिक सैलरी, डीए यानी महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और रिटेनिंग अलाउंस मिलाकर कुल सैलरी का कम से कम 50% होना जरूरी है।
पहले कई कंपनियां बेसिक सैलरी कम रखती थीं और बाकी पैसा अलाउंस के रूप में देती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। इस बदलाव का असर यह होगा कि आपकी बेसिक सैलरी बढ़ेगी। जैसे ही बेसिक बढ़ेगी वैसे ही EPFO के EPF में आपका और कंपनी का योगदान भी बढ़ जाएगा। इससे आपकी रिटायरमेंट सेविंग मजबूत होगी।
30 लाख CTC वालों पर क्या असर?
अगर किसी की सालाना CTC 30 लाख रुपये है, तो उसकी मासिक सैलरी में यह बदलाव साफ दिखेगा। पहले जहां बेसिक सैलरी करीब 69,444 रुपये थी, वह बढ़कर 1,04,167 रुपये हो जाएगी। वहीं स्पेशल अलाउंस घट जाएगा। इस बदलाव के कारण EPF में आपकी कटौती 8,333 रुपये से बढ़कर 12,500 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने करीब 4,167 रुपये ज्यादा PF में जाएंगे। इसी वजह से आपकी इन-हैंड सैलरी घट जाएगी। पहले जहां आपको करीब 1,91,467 रुपये मिलते थे, अब यह घटकर करीब 1,87,300 रुपये रह जाएगी। यानी हर महीने लगभग 4,167 रुपये कम हाथ में आएंगे। 10 लाख रुपये के CTC पर यही कटौती 800 रुपये से 1200 रुपये तक हो सकती है। यह सिर्फ एक अनुमान है। ये सैलरी स्ट्रक्चर पर निर्भर करता है।
क्या यह नुकसान है या फायदा?
पहली नजर में इन-हैंड सैलरी कम होना नुकसान जैसा लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह आपके लिए फायदेमंद है। ज्यादा PF जमा होने से आपकी रिटायरमेंट सेविंग बढ़ेगी। साल भर में करीब 1 लाख रुपये ज्यादा PF में जमा होंगे। साथ ही ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं भी बढ़ेंगी, क्योंकि यह भी बेसिक सैलरी पर आधारित होती है।