क्या RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI ट्रांजेक्शन बिलकुल फ्री हैं? जानिए पूरी सच्चाई

RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI ट्रांजेक्शन ₹2,000 तक आमतौर पर मुफ्त होते हैं, लेकिन ₹2,000 से अधिक लेन-देन पर व्यापारियों को 1.1% तक का शुल्क देना पड़ता है। यह शुल्क ग्राहक पर नहीं लगता, बल्कि व्यापारी की ओर से दिया जाता है, जिससे डिजिटल भुगतान प्रणाली सुरक्षित और टिकाऊ बनी रहती है।

अपडेटेड Nov 02, 2025 पर 6:16 PM
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यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट सिस्टम है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है। इसके जरिए उपयोगकर्ता आसानी से अपने मोबाइल से कई बैंक खातों को लिंक कर पैसे भेज या प्राप्त कर सकते हैं। RuPay क्रेडिट कार्ड भारत का अपना क्रेडिट कार्ड नेटवर्क है, जो सुरक्षित और तेज़ ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान सुविधा प्रदान करता है।

UPI पर ट्रांजैक्शन फीस की स्थिति

हालांकि अधिकांश UPI ट्रांजैक्शन पूर्णतः मुफ्त होते हैं, यानी ग्राहकों को पैसे भेजने या प्राप्त करने पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता। लेकिन जब RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI पेमेंट की बात आती है, तो छोटी राशि (₹2,000 तक) के लेन-देन पर कोई फीस नहीं लगती। ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर कुछ मामूली फीस लग सकती है, जो मुख्यतः व्यापारी द्वारा बर्दाश्त की जाती है। इसका उद्देश्य इन्फ्रास्ट्रक्चर लागत को कवर करना है ताकि UPI की सेवाएं निर्बाध रूप से चलती रहें।

व्यापारी और ग्राहक को होने वाले प्रभाव

NPCI ने 1 अप्रैल 2023 से एक नियम लागू किया है जिसमें UPI के जरिए हुए क्रेडिट कार्ड पेमेंट्स पर व्यापारी को 1.1% तक का फी देना होगा यदि लेन-देन ₹2,000 से ऊपर है। ग्राहकों को इस फीस का कोई बोझ नहीं उठाना पड़ता। यह कदम डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को संतुलित और टिकाऊ बनाए रखने के लिए आवश्यक है।


RuPay क्रेडिट कार्ड के फायदे

RuPay ने भारतीय डिजिटल भुगतान को सशक्त बनाया है। इस कार्ड के साथ UPI पेमेंट करना आसान, तेज़ और सुरक्षित है। साथ ही कई RuPay कार्ड आपको कैशबैक, डिस्काउंट और अन्य बेनिफिट भी देते हैं, जो उपयोगकर्ताओं के लिए लाभकारी हैं। भारत में छोटे व्यापारियों के लिए भी RuPay क्रेडिट कार्ड UPI पेमेंट को अपनाना सुविधाजनक विकल्प है, जिससे डिजिटल लेनदेन में वृद्धि हो रही है।

इसलिए RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI ट्रांजैक्शन लगभग मुफ्त हैं, विशेषकर ₹2,000 तक के लेन-देन पर। ज्यादा लेन-देन पर मामूली शुल्क लगाने का असर केवल व्यापारी पर होता है, न कि ग्राहक पर। इससे भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम का विस्तार हुआ है और ग्राहकों को सुविधाजनक प्लेटफार्म पर सुरक्षित ट्रांजैक्शन का विकल्प मिला है।

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