Bank Strike: क्या देश में 27 जनवरी के बाद से बैंकों में 5 दिन वर्किंग होगा? देशभर के बैंक कर्मचारी बैंकों में 5 दिन वर्किंग की मांग लगातार कर रहे हैं लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर अपनी सहमति नहीं दी है। अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए बैंक एसोसिएशन ने 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान किया है। बैंक कर्मचारियों के सभी यूनियनों का ज्वाइंट फोरम यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) ने मंगलवार 27 जनवरी 2026 को ऑल इंडिया बैंक स्ट्राइक का ऐलान किया है। इस हड़ताल से पब्लिक और प्राइवेट दोनों बैंकों के कामकाज पर असर पड़ना तय है।
हड़ताल की घोषणा ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के 4 जनवरी को जारी एक सर्कुलर के जरिए की गई। सर्कुलर में कहा गया है कि सरकार की ओर से लंबे समय से पेंडिंग मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जबकि मार्च 2024 में सैलरी रिवीजन समझौते के दौरान इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी थी। यह समझौता इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुआ था।
क्या है बैंक कर्मचारियों की डिमांड?
बैंक यूनियनें चाहती हैं कि बैंकों में भी सोमवार से शुक्रवार तक काम हो और सभी शनिवार हॉलिडे का ऐलान किया जाए। फिलहाल, बैंकों में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी होती है। यूनियनों का कहना है कि बाकी दो शनिवारों को भी बैकों में छुट्टी रखी जाए। लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।
UFBU का तर्क है कि बैंक कर्मचारी पहले ही लचीलापन दिखा चुके हैं। उन्होंने यह सहमति दी थी कि यदि पांच दिन का वर्किंग वीक होता है तो तो सोमवार से शुक्रवार तक वे रोजाना 40 मिनट एक्स्ट्रा काम करेंगे, ताकि कुल वर्किंग डेज में कोई कमी न आए। यूनियनों का यह भी कहना है कि RBI, LIC, GIC, स्टॉक एक्सचेंज, मनी मार्केट्स और केंद्र और राज्य सरकार के ऑफिस पहले से ही पांच दिन काम करते हैं, तो बैंकों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
पिछले कुछ महीनों से बैंक यूनियनें देशभर में प्रदर्शन और सभाएं कर रही हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर भी एक बड़ा अभियान चलाया गया। AIBOC के मुताबिक इस अभियान को 18.8 लाख से ज्यादा इम्प्रेशंस मिले और 3 लाख से अधिक पोस्ट किए गए। यूनियनों ने इसे एक सफल जनसमर्थन बताया, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर 27 जनवरी को हड़ताल होती है, तो उस दिन बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रह सकता है। चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी, ड्राफ्ट और काउंटर से जुड़ी सर्विस पर असर पड़ेगा। हालांकि, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM सर्विस सामान्य या सीमित रूप से चालू रह सकती हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे 27 जनवरी से पहले अपने जरूरी बैंकिंग काम निपटा लें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बच सके।