Bank FD Vs Personal Loan: बैंक एफडी पर लोन या पर्सनल लोन, आपको किसमें ज्यादा फायदा?

पर्सनल लोन अनसेक्योर्ड लोन है। इसका मतलब है कि इस लोन को लेने के लिए आपको बैंक या एनबीएफसी के पास कोई एसेट गिरवी नहीं रखना पड़ता है। लेकिन, अनसेक्योर्ड लोन होने की वजह से बैंक इस पर ज्यादा इंटरेस्ट वसूलते हैं। एफडी पर लोन सेक्योर्ड लोन की कैटेगरी में आता है

अपडेटेड Oct 17, 2025 पर 6:39 PM
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एफडी पर लोन का रीपेमेंट आसान होता है। आप इसे किस्तों में चुका सकते हैं या एकमुश्त चुका सकते हैं।

आज लोन लेने के कई विकल्प हैं। आप बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी लोन ले सकते हैं। इसमें एफडी को बैंक के पास गिरवी रखना पड़ता है। बैंक और एनबीएफसी एफडी के अमाउंट का 80-90 फीसदी तक लोन देते हैं। एफडी पर लोन लेने का फायदा यह है कि गिरवी रखने के दौरान पर भी इस पर इंटरेस्ट मिलना जारी रहता है। बैंक आपसे एफडी के इंटरेस्ट रेट से 1 से 2 फीसदी ज्यादा इंटरेस्ट लेता है। इसलिए यह लोन का सबसे सस्ता विकल्प है।

पर्सनल लोन की खास बातें

अगर Personal Loan की बात की जाए तो यह अनसेक्योर्ड लोन है। इसका मतलब है कि इस लोन को लेने के लिए आपको बैंक या एनबीएफसी के पास कोई एसेट गिरवी नहीं रखना पड़ता है। लेकिन, अनसेक्योर्ड लोन होने की वजह से बैंक इस पर ज्यादा इंटरेस्ट वसूलते हैं। आम तौर पर बैंक या एनबीएफसी 10 से 24 फीसदी सालाना इंटरेस्ट पर पर्सनल लोन ऑफर करती हैं। ग्राहक के क्रेडिट स्कोर और इनकम प्रोफाइल पर उसका इंटरेस्ट रेट निर्भर करता है। लेकिन, इस लोन की प्रोसेसिंग में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।


एफडी पर लोन और पर्सनल लोन के बीच फर्क

पर्सनल लोन और बैंक एफडी पर लोन के बीच सबसे बड़ा फर्क बॉरोइंग कॉस्ट में है। उदाहरण के लिए अगर आपके एफडी पर बैंक सालाना 6 फीसदी इंटरेस्ट देता है तो इस पर लोन लेने पर आपको 7-8 फीसदी इंटरेस्ट चुकाना होगा। लेकिन, पर्सनल लोन पर आपको 10-24 फीसदी तक इंटरेस्ट चुकाना पड़ सकता है। इसलिए एफडी पर लोन लेना काफी सस्ता पड़ता है। दूसरा फायदा यह है कि लोन के दौरान भी एफडी में जमा आपके पैसे पर इंटरेस्ट मिलता रहता है और आपका पैसा बढ़ता रहता है।

एफडी पर लोन के फायदे

एफडी पर लोन का रीपेमेंट आसान होता है। आप इसे किस्तों में चुका सकते हैं या एकमुश्त चुका सकते हैं। अगर आप एकमुश्त चुकाना चाहते हैं तो एफडी मैच्योर करने से पहले आपको चुकाना होगा। अगर आप तय समय तक पैसा नहीं चुकाते हैं तो बैंक आपके एफडी से अपना पैसा रिकवर कर लेता है। हालांकि, इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर खराब असर नहीं पड़ता है। पर्सनल लोन में EMI फिक्स्ड होती है। पेमेंट में देर होने पर पेनाल्टी लगती है। इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर खराब असर पड़ता है।

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आपके लिए दोनों में से कौन ज्यादा फायदेमंद? 

अगर आपका बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट है और आपको अचानक पैसे की जरूरत पड़ गई है तो आप अपने एफडी पर लोन ले सकते हैं। यह काफी सस्ता पड़ेगा। एफडी पर लोन की प्रोसेसिंग जल्द हो जाती है, क्योंकि बैंक के पास आपकी जरूरी जानकारियां पहले से उपलब्ध होती हैं। अगर आपका बैंक में एफडी नहीं है तो फिर आपके पास पर्सनल लोन का विकल्प है।

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